केरल सरकार ने कोच्चि में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) को आकर्षित करने के लिए अपनी मुहिम तेज कर दी है। राज्य का लक्ष्य मौजूदा **45** सेंटर्स की संख्या को **2031** तक बढ़ाकर **150** करना है। इसके लिए 'i by Infopark' में कंपनियों को **6** महीने का मुफ्त वर्कस्पेस ट्रायल दिया जा रहा है।
केरल सरकार अब खुद को मल्टीनेशनल कंपनियों के लिए एक बेहतरीन विकल्प के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है। 'केरल GCC आउटपुट 2026' रोडमैप के तहत सरकार का इरादा इस सेक्टर में 2 लाख नई नौकरियां पैदा करने का है।
कैसे मिलेगी कंपनियों को मदद?
कोच्चि के एर्नाकुलम साउथ मेट्रो स्टेशन पर स्थित 'i by Infopark' फैसिलिटी को प्लग-एंड-प्ले वर्कस्पेस के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। 6 महीने का फ्री ट्रायल देने के पीछे मुख्य मकसद यह है कि कंपनियां बिना किसी बड़े रियल एस्टेट निवेश के अपना कारोबार शुरू कर सकें। इससे प्रशासनिक जटिलताएं कम होंगी और ग्लोबल कंपनियों के लिए कोच्चि में पैर जमाना आसान हो जाएगा।
इन सेक्टरों पर है नजर
केरल सीधे तौर पर बड़े शहरों से प्रतिस्पर्धा करने के बजाय खास सेक्टरों पर ध्यान दे रहा है। इसमें एविएशन, ट्रैवल, मैरीटाइम लॉजिस्टिक्स और एनर्जी सेक्टर शामिल हैं। IBS Software और एयर इंडिया के टेक सेंटर जैसे बड़े नाम पहले से ही वहां मौजूद हैं, जो इस इकोसिस्टम को मजबूत बना रहे हैं।
बड़ी चुनौतियां
हालांकि रोडमैप तैयार है, लेकिन बेंगलुरू, हैदराबाद और पुणे जैसे शहरों के मुकाबले कोच्चि को अभी एक लंबा सफर तय करना है। इन टियर-1 शहरों में पहले से ही मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और अनुभवी टैलेंट की भरमार है। निवेशकों के लिए सबसे बड़ी परीक्षा यह होगी कि क्या केरल सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर को उतनी तेजी से बढ़ा पाएगी, जितनी तेजी से मांग बढ़ेगी। इसके अलावा, ANSR और Inductus Group जैसी फर्मों के साथ साझेदारी से उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन असली कामयाबी इस बात पर निर्भर करेगी कि कितनी ग्लोबल कंपनियां यहां लंबे समय के लिए रुकने का फैसला लेती हैं।
