जापानी वॉइस एक्टर Kenjiro Tsuda ने TikTok पर मुकदमा ठोक दिया है। आरोप है कि एक अज्ञात अकाउंट ने AI का इस्तेमाल कर उनकी आवाज को क्लोन किया और उससे मुनाफा कमाया। यह केस अब पर्सनल पब्लिसिटी राइट्स और AI के बढ़ते खतरे पर एक बड़ी कानूनी बहस बन चुका है।
एनिमे इंडस्ट्री के मशहूर वॉइस एक्टर Kenjiro Tsuda (जो Jujutsu Kaisen और Yu-Gi-Oh! के लिए जाने जाते हैं) ने टोक्यो डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में TikTok के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है। यह लड़ाई एक ऐसे अज्ञात अकाउंट को लेकर है, जिसने AI तकनीक से उनकी आवाज को हूबहू कॉपी किया और कॉन्स्पिरसी-थीम वाले कंटेंट से पैसे कमाए।
कानूनी दांव-पेच
शिकायत के मुताबिक, उस अकाउंट के 2,00,000 से ज्यादा सब्सक्राइबर्स थे, जिसने एक्टर की पहचान का गलत फायदा उठाया। Tsuda की लीगल टीम का कहना है कि यह उनकी आवाज़ का अनधिकृत इस्तेमाल है और उनके अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।
वहीं, TikTok ने खुद को एक 'न्यूट्रल होस्टिंग प्लेटफॉर्म' बताते हुए पल्ला झाड़ लिया है। कंपनी का तर्क है कि वह वॉइस एक जेनेरिक मेल टोन है और इसे Tsuda की आवाज बताना सिर्फ एक субъекटिव (व्यक्तिगत) राय है। प्लेटफॉर्म का कहना है कि यूजर द्वारा बनाया गया कंटेंट उनके दायरे में नहीं आता।
क्यों है यह केस जरूरी?
फिलहाल Japan Actors Union इस केस पर बारीकी से नजर रखे हुए है। समस्या यह है कि जापान में वॉइस को पहचान का हिस्सा मानने के निर्देश तो हैं, लेकिन वे कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं हैं। ऐसे में यह मुकदमा तय करेगा कि क्या सोशल मीडिया कंपनियां अपने प्लेटफॉर्म पर AI के जरिए होने वाली इस तरह की 'आइडेंटिटी चोरी' के लिए जिम्मेदार हैं या नहीं। अगर फैसला Tsuda के पक्ष में आता है, तो दुनिया भर के डिजिटल राइट्स और AI रेगुलेशन के लिए यह एक बहुत बड़ा नजीर (Precedent) साबित होगा।
