Kaynes Technology India के शेयरों में बड़ी गिरावट आई है। स्टॉक अपने अक्टूबर 2025 के उच्चतम स्तर से करीब **60%** तक गिर चुका है। कंपनी को एग्जीक्यूशन में देरी, लगातार नकारात्मक कैश फ्लो और स्मार्ट मीटर व सेमीकंडक्टर पैकेजिंग जैसे अहम सेगमेंट्स के ग्रोथ अनुमानों में बड़ी कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
क्या हुआ?
भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर नजर रखने वाली कंपनी Kaynes Technology India के शेयर की कीमत में भारी गिरावट देखी जा रही है। शेयर अपने पीक (October 2025) से लगभग 60% तक टूट चुके हैं। यह बड़ी गिरावट फाइनेंशियल ईयर 2026 के निराशाजनक नतीजों के बाद आई है, जिसमें कंपनी को एग्जीक्यूशन से जुड़ी बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। मजबूत ऑर्डर बुक होने के बावजूद, कंपनी अपने बिजनेस पाइपलाइन को वास्तविक कमाई में बदलने के लिए संघर्ष करती दिखी, जिससे निवेशकों को इसके ग्रोथ की संभावनाओं का फिर से मूल्यांकन करने पर मजबूर होना पड़ा।
कैश फ्लो की चिंता क्यों?
निवेशकों की भावना को प्रभावित करने वाला एक मुख्य मुद्दा कंपनी का नकारात्मक ऑपरेटिंग कैश फ्लो है। FY26 में, कंपनी ने लगभग ₹600 करोड़ का नकारात्मक ऑपरेटिंग कैश फ्लो दर्ज किया। इसका मतलब है कि कंपनी ने अपने दैनिक संचालन और विस्तार के लिए अपनी कमाई से ज्यादा कैश खर्च किया। इसका एक बड़ा कारण स्मार्ट मीटरिंग सेगमेंट है, जो FY26 के रेवेन्यू का लगभग एक-चौथाई हिस्सा था। इस बिजनेस में पेमेंट की शर्तें काफी लंबी हैं, कुछ मामलों में कंपनी को पैसा वसूलने में 500 दिन से भी ज्यादा का समय लग रहा है। इसके कारण कंपनी का वर्किंग कैपिटल साइकिल - यानी निवेश को कैश में बदलने में लगने वाला समय - लगभग 172-179 दिन तक पहुंच गया है।
ग्रोथ गाइडेंस में कटौती
कंपनी ने सेमीकंडक्टर पैकेजिंग (OSAT) और प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) मैन्युफैक्चरिंग जैसे भविष्य के प्रमुख ग्रोथ क्षेत्रों के लिए अपनी उम्मीदों को भी कम कर दिया है। पहले कंपनी ने जोरदार ग्रोथ का अनुमान लगाया था, लेकिन अब FY27 के लिए अपने रेवेन्यू टारगेट में काफी कटौती की है। OSAT बिजनेस के लिए टारगेट को पहले के ₹1,000 करोड़ के अनुमान से घटाकर ₹250-300 करोड़ कर दिया गया है। इसी तरह, PCB सेगमेंट के लिए रेवेन्यू लक्ष्य को पहले के ₹500 करोड़ की उम्मीद की तुलना में घटाकर ₹300-400 करोड़ कर दिया गया है। ये कटौतियां बताती हैं कि इन महत्वपूर्ण, हाई-टेक क्षेत्रों में कंपनी का विस्तार उम्मीद से कहीं ज्यादा धीमा हो रहा है।
फाइनेंशियल परफॉरमेंस का स्नैपशॉट
FY26 की चौथी तिमाही के फाइनेंशियल नतीजों ने इन दबावों को उजागर किया है। हालांकि कंपनी ने रेवेन्यू में साल-दर-साल 26% की बढ़ोतरी के साथ ₹1,242 करोड़ दर्ज किए, लेकिन लाभप्रदता (Profitability) पर असर पड़ा। EBITDA मार्जिन, जो कोर ऑपरेशनल प्रॉफिटेबिलिटी को मापता है, बढ़ते कर्मचारी खर्चों और इनपुट कीमतों में बढ़ोतरी के कारण 15.6% तक गिर गया। इसके अलावा, उच्च डेप्रिसिएशन और फाइनेंस कॉस्ट के कारण टैक्स के बाद का मुनाफा (Profit After Tax) पिछले साल की तुलना में 22% कम हो गया।
केपेक्स (Capex) की चुनौती
Kaynes Technology की FY28 तक लगभग ₹8,500 करोड़ की आक्रामक कैपिटल स्पेंडिंग (Capital Spending) योजना है। यह कंपनी की विस्तार की महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है, लेकिन साथ ही इसमें जोखिम भी हैं। वर्तमान कैश फ्लो की समस्याओं और बढ़ते कर्ज से संबंधित लागतों को देखते हुए, निवेशक चिंतित हैं कि कंपनी इन भारी-भरकम परियोजनाओं को अपनी बैलेंस शीट पर और अधिक दबाव डाले बिना कैसे फंड करेगी। कंपनी ने विशिष्ट FY27 रेवेन्यू गाइडेंस को भी हटा दिया है, और इसके बजाय इंडस्ट्री की दर से लगभग दोगुनी ग्रोथ का अनुमान लगाया है, जिससे इसकी सटीक ग्रोथ की राह को लेकर कुछ अनिश्चितता बनी हुई है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
आगे चलकर, निवेशकों को कंपनी की कैश फ्लो को बेहतर बनाने और स्मार्ट मीटर बिजनेस से अपने कलेक्शन साइकिल को छोटा करने की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए। इसके अलावा, OSAT और PCB प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन की गति महत्वपूर्ण होगी। इसकी विशाल कैपिटल स्पेंडिंग प्लान में कोई भी और देरी या संशोधन स्टॉक के लिए एक महत्वपूर्ण ट्रिगर साबित हो सकता है। निवेशक यह भी देखेंगे कि मैनेजमेंट आक्रामक विस्तार को बेहतर वित्तीय स्वास्थ्य की आवश्यकता के साथ कैसे संतुलित करने की योजना बना रहा है।
