Kaynes Tech Share Price: नतीजों के बाद शेयर में हलचल! Q1 में प्रॉफिट **24%** गिरा, रेवेन्यू **40%** बढ़ा

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Kaynes Tech Share Price: नतीजों के बाद शेयर में हलचल! Q1 में प्रॉफिट **24%** गिरा, रेवेन्यू **40%** बढ़ा

Kaynes Technology के शेयरों में आज शुरुआती गिरावट के बाद **6%** का उछाल देखने को मिला। कंपनी ने Q1 FY27 के नतीजे जारी किए, जिसमें रेवेन्यू **40%** बढ़ा, लेकिन नेट प्रॉफिट **24.4%** घटकर **₹56.4 करोड़** रहा। बढ़ती लागत और वर्किंग कैपिटल की ज़रूरत ने मुनाफे पर दबाव डाला है। निवेशक अब कंपनी के बड़े ऑर्डर बुक और OSAT व PCB सेगमेंट में विस्तार की योजनाओं पर ध्यान दे रहे हैं।

नतीजों का असर और मार्जिन पर दबाव

सोमवार को Kaynes Technology के शेयरों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया। शुरुआती 9% की गिरावट के बाद शेयर लगभग 6% तक सुधर गए। यह हलचल कंपनी के वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजों के बाद आई, जो शुक्रवार को बाज़ार बंद होने के बाद जारी किए गए थे। कंपनी ने साल-दर-साल आधार पर रेवेन्यू में 40% की बढ़ोतरी दर्ज की, जो ₹946 करोड़ रहा। हालांकि, बॉटम-लाइन के आंकड़ों पर निवेशकों ने सावधानी दिखाई है।

मजबूत टॉप-लाइन ग्रोथ के बावजूद, कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट तिमाही के लिए 24.4% घटकर ₹56.4 करोड़ रह गया। EBITDA मार्जिन घटकर 15.6% पर आ गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 16.8% था। यह गिरावट मुख्य रूप से बढ़ी हुई कंपोनेंट लागत, सप्लाई चेन की चुनौतियों और हालिया क्षमता विस्तार से जुड़े उच्च डेप्रिसिएशन खर्चों के कारण हुई।

वर्किंग कैपिटल की चुनौती

निवेशकों के लिए एक बड़ा फोकस कंपनी की बढ़ती वर्किंग कैपिटल की ज़रूरत पर है। नेट वर्किंग कैपिटल डेज पिछले तिमाही के 125 दिनों से बढ़कर 163 दिन हो गए हैं। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से स्मार्ट मीटरिंग बिज़नेस से कलेक्शन में देरी और सप्लाई चेन की बाधाओं को दूर करने के लिए इन्वेंटरी बढ़ाने की ज़रूरत के कारण हुई है। इन सब वजहों से, कंपनी फिलहाल नेगेटिव ऑपरेटिंग कैश फ्लो से जूझ रही है, जो एनालिस्ट्स के लिए कंपनी की लिक्विडिटी और वित्तीय सेहत को लेकर एक चिंता का विषय बना हुआ है।

ब्रोकरेज की राय और भविष्य का दृष्टिकोण

नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्मों की मिली-जुली प्रतिक्रिया आई है। कुछ फर्मों का कहना है कि कमजोर बैलेंस शीट मेट्रिक्स और वर्किंग कैपिटल को सामान्य होने में लगने वाले समय को देखते हुए फिलहाल न्यूट्रल रहने की सलाह है। वहीं, दूसरी ओर, कंपनी की ₹8,903.8 करोड़ (30 जून 2026 तक) की मजबूत ऑर्डर बुक को लॉन्ग-टर्म ग्रोथ का आधार मानते हुए कुछ अन्य फर्म पॉजिटिव बनी हुई हैं। एनालिस्ट्स कंपनी की नई OSAT (आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट) और PCB (प्रिंटेड सर्किट बोर्ड) सुविधाओं की प्रगति पर भी बारीकी से नज़र रख रहे हैं। इन प्रोजेक्ट्स के वित्तीय वर्ष 2027 की तीसरी तिमाही तक चालू होने की उम्मीद है और इन्हें भविष्य के रेवेन्यू के लिए बड़ा बूस्टर माना जा रहा है। कंपनी ने संकेत दिया है कि वह वित्तीय वर्ष के अंत तक कैश-फ्लो पॉजिटिव होने की उम्मीद करती है, जो आने वाली तिमाहियों में निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण मापदंड होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.