Kaynes Semicon का बड़ा दांव: साणंद में शुरू हुआ प्लांट, **2.3 अरब** यूनिट्स का लक्ष्य

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AuthorMehul Desai|Published at:
Kaynes Semicon का बड़ा दांव: साणंद में शुरू हुआ प्लांट, **2.3 अरब** यूनिट्स का लक्ष्य

Kaynes Semicon ने गुजरात के साणंद में अपना नया प्लांट शुरू कर दिया है। कंपनी ने यहां **₹3,300 करोड़** का भारी निवेश किया है, जिससे सालाना **2.3 अरब** यूनिट्स के प्रोडक्शन का लक्ष्य रखा गया है।

Kaynes Technology की सब्सिडियरी कंपनी Kaynes Semicon ने गुजरात के साणंद में अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में कमर्शियल ऑपरेशन शुरू कर दिए हैं। 49 एकड़ में फैले इस प्लांट में कंपनी ने ₹3,300 करोड़ का बड़ा निवेश किया है, जो देश के सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग सेक्टर के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है।

किन सेक्टरों को मिलेगी ताकत?

यह फैसिलिटी ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), इंडस्ट्रियल, टेलीकॉम और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे हाई-ग्रोथ सेक्टरों की जरूरतों को पूरा करेगी। कंपनी यहां फ्लिप-चिप, वायर बॉन्डिंग और बॉल ग्रिड एरे (BGA) जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है, ताकि हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स की मांग को पूरा किया जा सके।

चुनौतियां और सप्लाई चेन का रिस्क

निवेशकों को यह समझना होगा कि यह बिजनेस काफी कैपिटल-इंटेंसिव है। फिलहाल, कंपनी को लीड फ्रेम्स, मोल्डिंग कंपाउंड्स और बॉन्डिंग वायर्स के लिए जापान, कोरिया, चीन और जर्मनी जैसे देशों पर निर्भर रहना पड़ता है। अकेले लीड फ्रेम्स ही कुल मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट का 15% तक हिस्सा ले लेते हैं।

कंपनी के मैनेजमेंट का फोकस अब इस निर्भरता को कम करने पर है। वे सी-194 (C194) और सी-7025 (C7025) कॉपर अलॉय स्ट्रिप्स को भारत में ही बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। साथ ही, गोल्ड रिजर्व को रिफाइन करके 6N शुद्धता के स्टैंडर्ड वाले वायर बनाने पर भी विचार चल रहा है। इन प्रयासों से लॉन्ग टर्म में कॉस्ट कम होने और मार्जिन सुधरने की उम्मीद है, बशर्ते स्थानीय वेंडर की योग्यता (Vendor Qualification) का प्रोसेस समय पर पूरा हो जाए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.