कर्नाटक सरकार अपने Bengaluru Tech Summit (BTS) 2026 के लिए एक नई रणनीति अपना रही है। **17 से 19 नवंबर** तक चलने वाले इस समिट में **75** से अधिक देशों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जहां अब केवल समझौतों पर नहीं, बल्कि सीधे R&D और नौकरियों के सृजन पर फोकस होगा।
अब केवल बातें नहीं, दिखेगा सीधा असर (Measurable Outcomes)
कर्नाटक की सरकार ने BTS 2026 के लिए अपनी अप्रोच बदल दी है। राज्य का डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स, IT और बायोटेक्नोलॉजी अब केवल कागजी समझौतों (Memorandums) तक सीमित नहीं रहेगा। नई 'Global Innovation Alliance (GIA)' फ्रेमवर्क के तहत सरकार का पूरा जोर जॉइंट टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट और स्टार्टअप्स के लिए बाजार मुहैया कराने पर है। मकसद साफ है—बी2बी (B2B) कनेक्शन को इतना मजबूत करना कि उसका सीधा फायदा भारतीय टेक इकोसिस्टम को मिले।
नई इन्फ्रास्ट्रक्चर की तैयारी: GIGA
समिट की सबसे बड़ी उपलब्धि 'Global Innovation and Growth Alliance' यानी GIGA सुविधा की स्थापना होगी। बेंगलुरु में बनने वाला यह परमानेंट हब एक ब्रिज की तरह काम करेगा। यहाँ अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां और स्टार्टअप्स सीधे तौर पर स्थानीय इनक्यूबेटर्स और वेंचर इन्वेस्टर्स से जुड़ पाएंगे। निवेशकों के लिए यह एक बड़ी डेवलपमेंट है क्योंकि यह बेंगलुरु को ग्लोबल कंपनियों के लिए भारत का गेटवे बना देगा।
'AI & Beyond': भविष्य की तकनीक का संगम
इस साल का समिट 'AI & Beyond' थीम पर आधारित होगा, जिसमें 16 अलग-अलग इंडस्ट्री ट्रैक शामिल हैं। इसमें सेमीकंडक्टर, डिजिटल हेल्थ, साइबर सिक्योरिटी, और 'Finverse' जैसी नई तकनीकें मुख्य आकर्षण होंगी। सरकार ने 1,800 से ज्यादा एग्जीबिटर्स और 1,000 वेंचर इन्वेस्टर्स को आमंत्रित करने का लक्ष्य रखा है। टेक क्षेत्र में दिलचस्पी रखने वाले निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि समिट के दौरान कौन से ग्लोबल पार्टनरशिप्स और प्रोजेक्ट्स धरातल पर उतरते हैं, क्योंकि यही आगे चलकर राज्य में टैलेंट और सर्विस डिमांड तय करेंगे।
