Karnataka AI University: बेंगलुरु से आगे बढ़ेगा IT का जाल, सरकार की बड़ी योजना

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Karnataka AI University: बेंगलुरु से आगे बढ़ेगा IT का जाल, सरकार की बड़ी योजना

कर्नाटक सरकार अगले 100 दिनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) यूनिवर्सिटी लॉन्च करने और एक नई टेक एक्सपेंशन पॉलिसी लाने की तैयारी में है। इसका मकसद IT ग्रोथ को राज्य के दूसरे शहरों में फैलाना है, जिसके लिए बेंगलुरु के बाहर के शहरों में कम लागत वाली ऑफिस इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा दी जाएगी।

Detailed Coverage

कर्नाटक का IT हब विस्तार की ओर

कर्नाटक सरकार राज्य के टेक्नोलॉजी फुटप्रिंट को बेंगलुरु से आगे बढ़ाने की एक बड़ी रणनीति पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने अगले 100 दिनों के अंदर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) यूनिवर्सिटी स्थापित करने और एक विस्तृत टेक एक्सपेंशन पॉलिसी लागू करने की घोषणा की है। इस कदम का उद्देश्य राजधानी में IT इंफ्रास्ट्रक्चर के भारी जमावड़े को कम करना है। सरकार मैसूरु, हुबली-धारवाड़, मंगलुरु और बेलगावी जैसे शहरों में कंपनियों को नई इकाइयां खोलने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

सस्ते ऑफिस और रीजनल ग्रोथ

इस योजना का मुख्य हिस्सा उभरते हुए टेक डेस्टिनेशन में किफायती ऑफिस स्पेस उपलब्ध कराना है। सरकार $0.50 प्रति वर्ग फुट जैसी कम लागत पर इंफ्रास्ट्रक्चर देने की योजना बना रही है, जिससे कंपनियों के लिए विस्तार की लागत कम हो सके। ऑपरेशन्स को विकेंद्रीकृत करके, राज्य का लक्ष्य क्षेत्रीय आर्थिक विकास को संतुलित करना और विभिन्न जिलों में नए टैलेंट पूल का लाभ उठाना है। यह नीति स्पेस टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप्स और डीप-टेक सेक्टर्स के लिए नए फ्रेमवर्क का हिस्सा है, ताकि भारतीय IT परिदृश्य में कर्नाटक की प्रतिस्पर्धी स्थिति बनी रहे।

AI शिक्षा और इंडस्ट्री पार्टनरशिप

प्रस्तावित AI यूनिवर्सिटी एक पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर आधारित होगी। शुरुआती चर्चाओं में गूगल (Google) जैसी बड़ी टेक्नोलॉजी फर्मों के शामिल होने की खबरें हैं। उच्च शिक्षा के अलावा, इस पहल में सरकारी स्कूलों में कक्षा 6 से AI पाठ्यक्रम शुरू करने की योजना भी शामिल है। शुरुआती शिक्षा और इंडस्ट्री-एकेडेमिया तालमेल पर ध्यान केंद्रित करके, राज्य सरकार कुशल पेशेवरों की एक लंबी पाइपलाइन तैयार करना चाहती है। इस प्रोजेक्ट में 2026-31 के लिए सस्टेनेबल डेटा सेंटर पॉलिसी भी शामिल है, जो राज्य की टेक्नोलॉजी क्षमता के विस्तार के साथ ऊर्जा-कुशल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता पर जोर देती है।

निवेशकों और सेक्टर्स के लिए विचार

निवेशकों और कंपनियों के लिए, इस विस्तार की सफलता इन द्वितीयक शहरों में बिजली, हाई-स्पीड कनेक्टिविटी और कुशल प्रतिभा की वास्तविक उपलब्धता पर निर्भर करेगी। हालांकि रियल एस्टेट की कम लागत एक स्पष्ट लाभ है, कंपनियां बेंगलुरु के सुस्थापित इकोसिस्टम के बाहर गतिविधियों को स्थानांतरित करने या बढ़ाने से जुड़े परिचालन जोखिमों का भी आकलन करेंगी। ऐतिहासिक रूप से, भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को लॉजिस्टिक्स और विशेष प्रतिभा को बनाए रखने से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। सरकार ने 17-19 नवंबर, 2026 को बेंगलुरु टेक समिट का आयोजन किया है, जो इन नीतियों के रोलआउट और संभावित साझेदारी समझौतों पर अधिक जानकारी प्रदान करने का मुख्य मंच होगा। निवेशक भूमि आवंटन की विशिष्ट समय-सीमा और नए विश्वविद्यालय मॉडल में निजी क्षेत्र की भागीदारी की सीमा के लिए आगामी नीति सूचनाओं पर नज़र रख सकते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.