Karnataka AI Training Centre: ग्रामीण युवाओं को AI सिखाने का बड़ा कदम, खुले RAISE Centre

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Karnataka AI Training Centre: ग्रामीण युवाओं को AI सिखाने का बड़ा कदम, खुले RAISE Centre

कर्नाटक सरकार ने ग्रामीण युवाओं के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ट्रेनिंग का एक नया रास्ता खोला है। राज्य की चीफ सेक्रेटरी शालिनी रजनीश ने मुदेनहल्ली में RAISE (Bharat Ratna Sir M. Visvesvaraya Rural Artificial Intelligence Skill and Experience) सेंटर का उद्घाटन किया है। यह पहल RuralShores और श्री सत्य साई यूनिवर्सिटी फॉर ह्यूमन एक्सीलेंस (SSSUHE) के सहयोग से ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और उन्हें ग्लोबल टेक सेक्टर के लिए तैयार करने पर केंद्रित है।

Detailed Coverage

AI की ट्रेनिंग अब गांवों में

कर्नाटक सरकार ने ग्रामीण इलाकों में रहने वाले युवाओं को AI की दुनिया में आगे बढ़ने का मौका देने के लिए एक अहम कदम उठाया है। श्री सत्य साई ग्राम, मुदेनहल्ली में खोला गया यह RAISE सेंटर खास तौर पर जनरेटिव AI (Generative AI) की ट्रेनिंग देगा। यहां युवाओं को न सिर्फ AI टूल्स का इस्तेमाल सिखाया जाएगा, बल्कि प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स पर काम करने का अनुभव भी मिलेगा। यह पूरा प्रोजेक्ट RuralShores और श्री सत्य साई यूनिवर्सिटी फॉर ह्यूमन एक्सीलेंस (SSSUHE) के बीच एक पार्टनरशिप है।

ग्रामीण शिक्षा को नई उड़ान

इस पहल का मकसद देश में टेक्निकल एजुकेशन को शहरी केंद्रों से निकालकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाना है। इससे ग्रामीण युवाओं को वो प्रोफेशनल स्किल्स मिलेंगी जो पहले सिर्फ बड़े शहरों में उपलब्ध थीं। RuralShores, जो 2009 से काम कर रही है, पहले से ही 15 ग्रामीण सेंटरों का नेटवर्क चला रही है। कंपनी के रिकॉर्ड के मुताबिक, पिछले 18 सालों में यह 27,000 से ज्यादा लोगों को करियर में आगे बढ़ने में मदद कर चुकी है।

RAISE सेंटर में जनरेटिव AI पर खास जोर दिया जाएगा, जिसमें छात्रों को कंटेंट, कोड और डेटा सॉल्यूशंस बनाने वाले AI टूल्स पर काम करना सिखाया जाएगा। ट्रेनिंग में सिर्फ टेक्निकल स्किल्स ही नहीं, बल्कि AI के नैतिक उपयोग और मानवीय मूल्यों को भी शामिल किया गया है, ताकि टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल जिम्मेदारी से हो सके।

भविष्य की योजनाएं और सेक्टर पर असर

सरकार और पार्टनर्स भविष्य में स्पेशलाइज्ड एजुकेशन को और बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। नवंबर 2026 में, मंगलूरु के पास मडियाला में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटर साइंस के लिए एक नया कैंपस खुलने वाला है। यह कदम शिक्षाविद मडियाला नारायण भट्ट की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में उठाया जा रहा है और यह क्षेत्रीय टेक्नोलॉजी एजुकेशन में बढ़ते निवेश को दर्शाता है।

यह पहल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है। इसका उद्देश्य गैर-शहरी जिलों में स्किल्ड वर्कर्स की उपलब्धता बढ़ाकर लेबर मार्केट को संतुलित करना है। हालांकि, इन कार्यक्रमों से मिलने वाली ट्रेनिंग का लंबी अवधि में कितना फायदा होगा, यह ग्रेजुएट्स को इंडस्ट्री-लेवल की जॉब्स मिलने पर निर्भर करेगा। यह पार्टनरशिप ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए ग्लोबल टेक सेक्टर में प्रतिस्पर्धा करने के रास्ते की बाधाओं को कम करने का लक्ष्य रखती है। इन्वेस्टर्स और एक्सपर्ट्स इस बात पर नजर रखेंगे कि ये प्रोग्राम ट्रेनिंग को कितने प्रभावी ढंग से लॉन्ग-टर्म जॉब प्लेसमेंट में बदल पाते हैं और क्या ये क्षेत्रीय हब बड़े टेक एम्प्लॉयर्स के लिए आकर्षण का केंद्र बन पाते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.