कर्नाटक सरकार ने रेवेन्यू जेनरेट करने वाले डीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए 'Innoverse Foundation' लॉन्च किया है। इसका मकसद इन कंपनियों को बेहतर मेंटरशिप और ग्लोबल मार्केट्स में स्केल करने में मदद करना है। यह कदम नवंबर 2026 में होने वाले 29वें बेंगलुरु टेक समिट से पहले आया है, जिसका फोकस सेमीकंडक्टर और AI इकोसिस्टम को मजबूत करना है।
Detailed Coverage
स्टार्टअप्स को मिलेगी ग्लोबल पहचान?
कर्नाटक सरकार ने 'Innoverse Foundation' नाम से एक नई संस्था का ऐलान किया है। यह फाउंडेशन खास तौर पर उन डीप-टेक स्टार्टअप्स को सहारा देगा जो पहले से ही रेवेन्यू कमा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य इन कंपनियों को ग्लोबल मार्केट्स में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए जरूरी मेंटरशिप और बिज़नेस गाइडेंस देना है। CEO ब्रेकफास्ट मीट के दौरान इस पहल की घोषणा की गई।
डीप-टेक को बढ़ावा और ग्रांट्स
Innoverse Foundation के साथ-साथ 'DeepTech Enabler Program' भी शुरू किया गया है, जिसके लिए आवेदन मांगे जा रहे हैं। यह राज्य के टेक्नोलॉजी सेक्टर को बढ़ावा देने के बड़े प्लान का हिस्सा है। हाल ही में, 'Elevate NxT 2026' प्रोग्राम के लिए 33 विजेताओं को चुना गया था। करीब 1,000 आवेदकों में से चुने गए इन स्टार्टअप्स को ₹85 लाख से लेकर ₹1 करोड़ तक की सरकारी ग्रांट मिलेगी। इस फंड का इस्तेमाल रिसर्च, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और इनोवेशन में होगा, खासकर कर्नाटक और अन्य भारतीय राज्यों के स्टार्टअप्स के लिए।
AI और सेमीकंडक्टर पर फोकस
ये सभी पहल 17 से 19 नवंबर, 2026 तक होने वाले 29वें बेंगलुरु टेक समिट (BTS) की तैयारी का हिस्सा हैं। 'AI & Beyond' थीम के साथ, सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर डेवलपमेंट पर जोर देगी। इस समिट का एक खास आकर्षण 'embedded world India' एग्जीबिशन होगा, जिसे NuernbergMesse India के साथ मिलकर आयोजित किया जा रहा है। इसका मकसद अंतरराष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों को लोकल सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन से जोड़ना है, ताकि भारत में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।
भविष्य की योजनाएं
इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और बायोटेक्नोलॉजी मिनिस्टर प्रियंक खड़गे के नेतृत्व में कर्नाटक सरकार ने राज्य की टेक्नोलॉजी में बढ़त बनाए रखने के लिए कई लॉन्ग-टर्म इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की भी योजना बनाई है। इसमें एक डेडिकेटेड AI यूनिवर्सिटी, म्यूजियम ऑफ इनोवेशन और रेगुलेटरी सैंडबॉक्स का कार्यान्वयन शामिल है। इन प्रोजेक्ट्स का लक्ष्य टेक्नोलॉजिकल रिसर्च के लिए एक स्थिर माहौल तैयार करना और नई प्रोडक्ट्स डेवलप कर रही कंपनियों को रेगुलेटरी चुनौतियों से निपटने में मदद करना है।
निवेशकों और इंडस्ट्री के लिए, यह देखना अहम होगा कि Innoverse Foundation स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कितना सफल बना पाता है। इसके अलावा, बेंगलुरु टेक समिट में सेमीकंडक्टर और डीप-टेक सेक्टर्स के लिए कितने ठोस निवेश की घोषणा होती है, यह राज्य की ग्लोबल टेक कंपनियों को आकर्षित करने की क्षमता का एक बड़ा पैमाना होगा।
