मंगलवार को दक्षिण कोरिया का KOSPI इंडेक्स 11.01% गिर गया। ग्लोबल टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों में आई बिकवाली ने बाजार को झटका दिया है। निवेशकों को अब AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च के टिकाऊपन पर शक हो रहा है, जिससे मुनाफावसूली (Profit Taking) का दौर शुरू हो गया है। चीनी कंपनियों से बढ़ती चिप उत्पादन क्षमता की चिंताओं ने इस गिरावट को और बढ़ा दिया।
Detailed Coverage
क्यों गिरीं टेक दिग्गज कंपनियाँ?
दक्षिण कोरिया के प्रमुख KOSPI इंडेक्स में मंगलवार को 11.01% की भारी गिरावट दर्ज की गई, जो ग्लोबल टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर सेक्टर में आई बिकवाली के अनुरूप है। यह गिरावट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में आई तेज तेजी के बाद आई है। निवेशक अब AI इंडस्ट्री में लॉन्ग-टर्म खर्च की उम्मीदों पर दोबारा विचार कर रहे हैं।
इस गिरावट का सबसे बड़ा असर दक्षिण कोरिया की सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों पर पड़ा। Samsung Electronics के शेयर 9% से ज्यादा गिरे, जबकि हाई-बैंडविड्थ मेमोरी चिप्स बनाने वाली प्रमुख कंपनी SK Hynix में 10% से अधिक की गिरावट देखी गई। KOSPI इंडेक्स में इन दोनों कंपनियों का वेटेज काफी ज्यादा होने के कारण, इनका प्रदर्शन सीधे तौर पर बाजार की दिशा तय करता है। निवेशकों की चिंता यह है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग धीमी होने की आशंकाओं के बीच मौजूदा कंपनी वैल्यूएशन शायद इन चिंताओं को पूरी तरह से नहीं दर्शाते।
चीनी चिप मैन्युफैक्चरिंग का असर
इसके अलावा, चीन के सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में हुए डेवलपमेंट ने भी निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक चीनी सरकारी कंपनी ने इमर्शन डीप अल्ट्रावायलेट लिथोग्राफी टूल्स का मास प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। यह टेक्नोलॉजी चिप मैन्युफैक्चरिंग के लिए बेहद अहम है और अब तक डच कंपनी ASML जैसी फर्मों का दबदबा रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि चीन, अंतरराष्ट्रीय निर्यात प्रतिबंधों के बावजूद, घरेलू चिप उत्पादन में प्रगति कर रहा है। चीनी फर्मों से संभावित बढ़ी हुई सप्लाई और प्रतिस्पर्धा ने ग्लोबल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स के लिए भविष्य की प्राइसिंग पावर और मार्केट शेयर को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
क्षेत्रीय बाजारों में भी कमजोरी
यह बिकवाली सिर्फ दक्षिण कोरिया तक सीमित नहीं रही। मंगलवार को जापान के Nikkei 225 और ताइवान के Taiex में भी 4% से ज्यादा की गिरावट आई। ये बाजार ग्लोबल सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन से गहराई से जुड़े हुए हैं। AI हार्डवेयर में मौजूदा कैपिटल स्पेंडिंग के टिकाऊपन को लेकर चिंताएं इन बाजारों में भी देखी जा रही हैं।
अब निवेशक प्रमुख सेमीकंडक्टर कंपनियों के तिमाही नतीजों और मैनेजमेंट कमेंट्री पर बारीकी से नजर रखेंगे। कैपिटल एक्सपेंडिचर बजट में किसी भी बदलाव, AI-संबंधित चिप्स की भविष्य की मांग पर गाइडेंस, और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इक्विपमेंट के क्षेत्र में कॉम्पिटिटिव लैंडस्केप पर अपडेट्स पर ध्यान दिया जाएगा। बाजार यह भी देखेगा कि क्या बड़ी चिपमेकर्स बढ़ती ग्लोबल कैपेसिटी और बदलती डिमांड ट्रेंड्स के बीच अपने प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रख पाती हैं या नहीं।
