KFintech ने अपने Finex प्लेटफॉर्म को AI का इस्तेमाल करके अपग्रेड किया है, जिससे अब फिजिकल SIPs का एक्टिवेशन उसी दिन हो सकेगा। पहले इसमें कई हफ्ते लगते थे। इस बदलाव से म्यूचुअल फंड निवेशकों का रजिस्ट्रेशन प्रोसेस और आसान हो जाएगा।
KFintech का बड़ा ऐलान: अब SIP एक्टिवेशन Same-Day!
भारत में म्यूचुअल फंड के लिए निवेशक समाधान (investor solutions) मुहैया कराने वाली प्रमुख कंपनी KFintech ने अपने ऑपरेशनल प्लेटफॉर्म, Finex में एक अहम बदलाव का ऐलान किया है। कंपनी ने फिजिकल SIP रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को AI-पावर्ड सिस्टम में बदल दिया है, जिससे अब SIP का एक्टिवेशन Same-Day यानी उसी दिन हो जाएगा। पहले इस प्रक्रिया में 21 से 30 दिनों का समय लगता था। कंपनी के मुताबिक, इस बदलाव से फिजिकल SIP रजिस्ट्रेशन की सफलता दर 15% से बढ़कर 90% हो गई है।
प्लेटफॉर्म में क्या हुआ है खास?
Finex प्लेटफॉर्म के इंटरनल डेवलपमेंट में 250 से ज़्यादा इंजीनियर्स और डोमेन एक्सपर्ट्स की टीम ने काम किया है। नई टेक्नोलॉजी पुराने, सीक्वेंशियल (sequential) प्रोसेसिंग तरीकों को बदलकर पैरेलल डिजिटल वर्कफ़्लो (parallel digital workflow) का इस्तेमाल करती है। सिस्टम डॉक्यूमेंट कैप्चर और कैरेक्टर रिकग्निशन (character recognition) के लिए AI-संचालित टूल्स का उपयोग करता है, जिससे जानकारी ज़्यादा तेज़ी से प्रोसेस होती है। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म अब पेमेंट गेटवे (payment gateway) के विभिन्न मामलों को ऑटोमेटेड एक्सेप्शन प्रोसेसिंग (automated exception processing) से संभालता है और KYC व बैंकिंग क्रेडेंशियल्स (banking credentials) की रियल-टाइम वैलिडेशन (real-time validation) करता है। वर्कफ़्लो को इंटरनल डिपार्टमेंट्स के बीच ऑटोमेट करके, कंपनी एडमिनिस्ट्रेटिव फ्रिक्शन (administrative friction) को कम करना चाहती है।
ऑपरेशनल मेट्रिक्स पर असर
Same-Day एक्टिवेशन के अलावा, कंपनी ने रजिस्ट्रेशन से जुड़े अन्य मेट्रिक्स में भी सुधार की बात कही है। 7 दिनों के अंदर नए मैंडेट (mandates) सेटअप होने की दर 90% तक पहुंच गई है, और ऑप्टिमाइज्ड डिजिटल ट्रैक्स (optimized digital tracks) 99% तक पहुंच गए हैं। सिस्टम में एक ट्रैकिंग मॉड्यूल भी शामिल है जो नेटवर्क फेलियर (network failure) या एरर (error) का सामना करने वाले रजिस्ट्रेशन की निगरानी करता है। इससे ऑटोमेटेड करेक्शन (automated correction) संभव होता है और एसेट मैनेजमेंट कंपनीज़ (AMCs) को पहले फेल हुए SIP रजिस्ट्रेशन को ठीक करने और रिकवर करने के लिए डेटा मिलता है। ये ऑपरेशनल फायदे रिजेक्टेड एप्लीकेशंस (rejected applications) की संख्या को कम करने और ऑनबोर्डिंग एक्सपीरियंस (onboarding experience) को ज़्यादा एफिशिएंट बनाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
म्यूचुअल फंड इकोसिस्टम में इसका क्या मतलब?
KFintech वर्तमान में भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में सबसे बड़े रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट (registrars and transfer agents) में से एक है, जो कई AMCs को अपनी सेवाएं देता है। निवेशकों के लिए, इस कदम का महत्व इन्वेस्टमेंट प्लान शुरू करने में लगने वाले समय में कमी आना है। ऐतिहासिक रूप से, म्यूचुअल फंड ऑनबोर्डिंग प्रोसेस, खासकर फिजिकल डॉक्यूमेंट्स के लिए, लंबे प्रोसेसिंग समय और मैनुअल एरर या डॉक्यूमेंटेशन गैप्स (documentation gaps) के कारण हाई रिजेक्शन रेट्स (high rejection rates) के लिए जाना जाता था। इन टचपॉइंट्स (touchpoints) को डिजिटाइज़ करके, KFintech इस अनुभव को स्ट्रीमलाइन (streamline) करने और निवेशकों व डिस्ट्रीब्यूटर्स दोनों पर एडमिनिस्ट्रेटिव बोझ को कम करने की कोशिश कर रहा है।
