Just Dial के शेयरों में मंगलवार को **13%** का जबरदस्त उछाल देखने को मिला। कंपनी ने Q1 FY27 के शानदार नतीजे पेश किए हैं, जिसमें महामारी के बाद सबसे तेज रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की गई है। निवेशकों की नजर कंपनी के प्रदर्शन के साथ-साथ नेतृत्व में बड़े बदलाव पर भी है, जहाँ संस्थापक VSS Mani CEO पद से इस्तीफा दे रहे हैं।
Just Dial के शेयर में 13% की बढ़त
मंगलवार को Just Dial के शेयर इंट्राडे ट्रेडिंग में 13% तक चढ़ गए। पिछले चार ट्रेडिंग सत्रों में यह 41% की बढ़ोतरी दर्ज कर चुका है। बाजार की यह प्रतिक्रिया कंपनी के अप्रैल-जून 2026-27 फाइनेंशियल ईयर के नतीजों और टॉप मैनेजमेंट में बड़े फेरबदल के बाद आई है।
Q1 FY27 में कंपनी का प्रदर्शन
जून तिमाही के दौरान, Just Dial ने ₹327.5 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 9.9% ज्यादा है। तिमाही-दर-तिमाही आधार पर, रेवेन्यू में 6.6% की ग्रोथ देखी गई, जिसे कंपनी ने कोविड-19 महामारी के बाद सबसे तेज ग्रोथ बताया है। इस दौरान नेट प्रॉफिट ₹166.20 करोड़ रहा, जो साल-दर-साल 4.1% अधिक है। कंपनी के EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) ₹87.40 करोड़ रही, जिससे ऑपरेटिंग मार्जिन 26.7% पर आ गया।
ऑपरेशनल डेटा के अनुसार, मोबाइल प्लेटफॉर्म कुल ट्रैफिक का 86.5% हिस्सा बने हुए हैं। यूनिक विज़िटर ट्रैफिक 192.9 मिलियन रहा, जिसमें पिछले साल की तुलना में 0.2% की मामूली गिरावट आई, हालांकि पिछले क्वार्टर से इसमें 5.8% का सुधार हुआ। कंपनी ने अपने डेटाबेस का विस्तार भी किया है, जिसमें 30 जून 2026 तक एक्टिव लिस्टिंग 56.1 मिलियन तक पहुंच गई, जो पिछले साल से 13% ज्यादा है।
नेतृत्व में बदलाव और भविष्य की रणनीति
वित्तीय नतीजों के अलावा, कंपनी ने अपने नेतृत्व में एक बड़े बदलाव की घोषणा की है। संस्थापक VSS Mani, 31 जुलाई 2026 से CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर के पदों से इस्तीफा देंगे। उनकी जगह पूर्व Flipkart एग्जीक्यूटिव Dinkar Ayilavarapu को CEO-डिज्नेट (CEO-designate) बनाया गया है। इसके साथ ही, कंपनी ने Dinesh Taluja को नए चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) के रूप में नियुक्त किया है।
निवेशक इस नेतृत्व परिवर्तन के साथ-साथ कंपनी के ग्रोथ मेट्रिक्स का भी आंकलन कर रहे हैं। ब्रोकरेज फर्म ICICI सिक्योरिटीज ने स्टॉक पर पॉजिटिव रुख बनाए रखा है, हालांकि उन्होंने टारगेट प्राइस को पिछले ₹968 से घटाकर ₹825 कर दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि नेतृत्व में यह बदलाव कंपनी की लॉन्ग-टर्म स्ट्रेटेजी को स्पष्ट कर सकता है, जिससे स्टॉक में री-रेटिंग (rerating) को सपोर्ट मिल सकता है। हालांकि, कुछ जोखिम भी हैं, जैसे कैश डिस्ट्रीब्यूशन पर तत्काल स्पष्टता की कमी और पेड एडवरटाइजिंग कैंपेन में लगातार ग्रोथ की जरूरत। भविष्य में, शेयरधारक नए मैनेजमेंट टीम के एग्जीक्यूशन, रेवेन्यू ग्रोथ की स्थिरता और कंपनी की कैपिटल एलोकेशन स्ट्रेटेजी पर अपडेट पर नजर रखेंगे।
