Just Dial Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! Q1 में मुनाफे का धमाका, शेयर **20%** अपर सर्किट पर

TECHNOLOGY
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Just Dial Share Price: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! Q1 में मुनाफे का धमाका, शेयर **20%** अपर सर्किट पर

Just Dial के शेयर में आज जबरदस्त उछाल देखा गया। कंपनी के पहली तिमाही (Q1 FY27) के शानदार नतीजों के बाद शेयर **20%** का अपर सर्किट लगाकर ₹677.50 पर पहुंच गया। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले क्वार्टर के मुकाबले **66.2%** बढ़कर **₹166.3 करोड़** हो गया।

मुनाफे का राज़: ट्रेजरी इनकम का कमाल!

Just Dial ने 30 जून, 2026 को खत्म हुई पहली तिमाही के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹166.3 करोड़ रहा, जो पिछले क्वार्टर (Q4 FY26) के ₹100 करोड़ से 66.2% ज्यादा है। वहीं, पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले यह 4.1% बढ़ा है। कंपनी की ऑपरेटिंग रेवेन्यू में भी 9.9% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹327.5 करोड़ पर पहुंच गया।

इस मुनाफे में सबसे बड़ा योगदान 'अन्य आय' (Other Income) का रहा, जो पिछले क्वार्टर से 170.3% बढ़कर ₹131.5 करोड़ हो गई। कंपनी के मुताबिक, यह उछाल मुख्य रूप से ट्रेजरी पोर्टफोलियो में 'मार्क-टू-मार्केट' गेन (निवेश संपत्तियों के बाजार मूल्य में बदलाव से होने वाला लाभ) की वजह से आया है। यह तब संभव हुआ जब तिमाही के दौरान यील्ड में 40 से 50 बेसिस पॉइंट की गिरावट आई।

ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस में थोड़ी नरमी

हालांकि, बॉटम-लाइन (नेट प्रॉफिट) में जहां जोरदार तेजी दिखी, वहीं कंपनी के कोर बिजनेस यानी ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस में थोड़ी नरमी देखने को मिली। ऑपरेटिंग EBITDA, जो कंपनी के मुख्य कामों से होने वाले मुनाफे को मापता है, में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले सिर्फ 1.2% की मामूली बढ़ोतरी हुई और यह ₹87.4 करोड़ रहा। इसके चलते, ऑपरेटिंग EBITDA मार्जिन 232 बेसिस पॉइंट घटकर 26.7% पर आ गया।

निवेशकों के लिए यह एक अहम बात है कि जहां ट्रेजरी इनकम ने मुनाफे को बढ़ाया, वहीं कोर बिजनेस के मार्जिन में थोड़ी कमी आई है। इसका मतलब है कि कंपनी को अपने मुख्य सर्च बिजनेस में लागतों और प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए, भविष्य में मुनाफे की स्थिरता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी अपने रेवेन्यू ग्रोथ को कैसे बनाए रखती है और ट्रेजरी निवेश का प्रदर्शन कैसा रहता है।

आगे चलकर, शेयरधारकों को ऑपरेटिंग मार्जिन के ट्रेंड पर पैनी नज़र रखनी होगी, जो कोर बिजनेस की एफिशिएंसी को दर्शाता है। साथ ही, ट्रेजरी से होने वाली आय की स्थिरता भी महत्वपूर्ण होगी। कंपनी की स्थानीय सर्च और डिस्कवरी सेक्टर में प्रतिस्पर्धा के बीच रेवेन्यू ग्रोथ की रफ्तार पर भी नजर रहेगी।

Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.