Juspay ने FY26 के लिए **₹664 करोड़** का राजस्व दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले **29%** ज्यादा है। हालांकि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ग्लोबल एक्सपेंशन पर भारी खर्च के चलते कंपनी को **₹90 करोड़** का नेट लॉस हुआ है। बता दें कि यह एक अनलिस्टेड कंपनी है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का लेखा-जोखा
बेंगलुरु स्थित पेमेंट टेक्नोलॉजी फर्म Juspay ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए अपने आंकड़े जारी कर दिए हैं। कंपनी का राजस्व पिछले वर्ष के ₹514 करोड़ से बढ़कर ₹664 करोड़ तक पहुंच गया है। लेकिन, इस ग्रोथ के साथ ही कंपनी का फाइनेंशियल प्रोफाइल भी बदला है। जहां पिछले साल यानी FY25 में कंपनी ₹62 करोड़ के मुनाफे में थी, वहीं अब इसे ₹90 करोड़ का नेट लॉस हुआ है।
क्यों हुआ नुकसान?
कंपनी के मैनेजमेंट ने साफ किया है कि यह घाटा कोई बिजनेस फेलियर नहीं, बल्कि एक स्ट्रेटेजिक निवेश है। कंपनी इस वक्त आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बड़ा दांव लगा रही है। Xyne और Breeze Universal जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भारी पैसा खर्च किया जा रहा है ताकि ग्लोबल लेवल पर डेटा मैनेजमेंट और 'एजेंटिक कॉमर्स' (Agentic Commerce) में अपनी जगह बनाई जा सके। यह आने वाले समय के लिए हाई-वैल्यू प्रोडक्ट लाइन्स तैयार करने की एक कोशिश है।
क्या कोर बिजनेस सुरक्षित है?
राहत की बात यह है कि कंपनी का भारत में कोर पेमेंट बिजनेस अभी भी प्रॉफिटेबल है। कंपनी का एडजस्टेड EBITDA पॉजिटिव है और ESOP-एडजस्टेड प्रॉफिट ₹33 करोड़ रहा है, जो यह दिखाता है कि कंपनी का ऑपरेशनल ढांचा मजबूत है।
ग्लोबल विस्तार और इन्वेस्टर्स के लिए नोट
Juspay अब एशिया-पैसिफिक, यूरोप, लैटिन अमेरिका और मिडिल ईस्ट के बाजारों पर नजर गड़ाए हुए है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बिजनेस कुल राजस्व में 10% से कम का योगदान देता है, जिसे कंपनी UPI की सफलता के अनुभव के दम पर बढ़ाना चाहती है।
अंत में, निवेशकों को यह याद रखना चाहिए कि Juspay एक अनलिस्टेड कंपनी है। यह NSE या BSE पर ट्रेड नहीं होती है, इसलिए पब्लिक रिटेल निवेशक इसमें निवेश नहीं कर सकते। कंपनी के लिए मुख्य चुनौती यह है कि क्या वे बिना घाटा बढ़ाए अपने AI और ग्लोबल डिवीजन्स को स्केल कर पाएंगे या नहीं।
