Listing के बाद पहली बार Jio Platforms ने अपने तिमाही नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **13.7%** उछलकर **₹8,387 करोड़** रहा है। अब कंपनी का पूरा फोकस मोबाइल टैरिफ से हटकर ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज सॉल्यूशंस और एआई (AI) की तरफ शिफ्ट हो रहा है।
मुनाफे की रफ्तार और रेवेन्यू में ग्रोथ
अक्टूबर 2026 में शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद यह कंपनी की पहली फाइनेंशियल रिपोर्ट है। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 11.4% बढ़कर ₹40,475 करोड़ रहा। कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 13.7% की बढ़ोतरी के साथ ₹8,387 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है, जो कंपनी के पारंपरिक टेलीकॉम मॉडल से डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर बनने के सफर को दर्शाता है।
ऑपरेशन्स और ग्राहक आधार
कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी जबरदस्त रही है। EBITDA मार्जिन 250 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 54.1% पर पहुंच गया है। वर्तमान में कंपनी के पास कुल 54.24 करोड़ यूजर्स हैं, जिसमें से 30 करोड़ यूजर्स 5G सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं। वहीं, कंपनी का ARPU (Average Revenue Per User) ₹218.8 दर्ज किया गया है।
नई रणनीति: एआई और एंटरप्राइज पर फोकस
मैनेजमेंट ने साफ कर दिया है कि भविष्य की ग्रोथ अब बार-बार टैरिफ बढ़ाने से नहीं, बल्कि नॉन-मोबाइल रेवेन्यू स्ट्रीम्स से आएगी। कंपनी अब ब्रॉडबैंड कनेक्शन, एंटरप्राइज-ग्रेड क्लाउड कंप्यूटिंग और जनरेटिव एआई (Generative AI) पर बड़ा दांव लगा रही है ताकि घरेलू और कॉर्पोरेट मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत की जा सके।
जोखिम और चुनौतियां
हालांकि नतीजे सकारात्मक हैं, लेकिन नई तकनीक और एआई में शिफ्ट होने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और टैलेंट पर भारी निवेश की जरूरत होगी, जिससे कैपिटल एक्सपेंडिचर ऊंचा बना रह सकता है। इसके अलावा, ग्लोबल टेक जायंट्स और हाइपरस्केलर्स से मिलने वाली प्रतिस्पर्धा और डेटा सेक्टर से जुड़े संभावित रेगुलेटरी बदलाव कंपनी के लिए नई चुनौतियां पेश कर सकते हैं। फिलहाल, कंपनी का नेट लेवरेज रेशियो 0.10x है, जो उसे फाइनेंशियल मजबूती देता है, लेकिन निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि कंपनी नई सर्विस सेगमेंट में अपने मार्जिन को कैसे बनाए रखती है।
