Jefferies की चेतावनी: AI में अमेरिकी कंपनियों को भारी नुकसान का खतरा, चीनी मॉडल्स से बढ़ी चुनौती

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Jefferies की चेतावनी: AI में अमेरिकी कंपनियों को भारी नुकसान का खतरा, चीनी मॉडल्स से बढ़ी चुनौती

अमेरिकी टेक दिग्गजों के लिए चेतावनी भरी खबर है! ब्रोकरेज फर्म Jefferies का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में भारी-भरकम निवेश अब 'कैपिटल डिस्ट्रक्शन' यानी पूंजी के विनाश का कारण बन सकता है। इसकी मुख्य वजह चीन से आ रहे सस्ते ओपन-सोर्स AI मॉडल्स से बढ़ती प्रतिस्पर्धा है।

Detailed Coverage

AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी-भरकम खर्च

Jefferies की नई रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की चार सबसे बड़ी टेक कंपनियां 2026 तक AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर $695 बिलियन खर्च करने वाली हैं, और यह आंकड़ा 2027 तक बढ़कर $870 बिलियन तक पहुंच सकता है। हाल ही में Alphabet ने भी $15 बिलियन के अतिरिक्त खर्च की घोषणा की है। यह दिखाता है कि ये कंपनियां कितनी तेजी से विस्तार कर रही हैं।

निवेशकों की चिंता और मुनाफा

लेकिन अब निवेशक इस भारी-भरकम खर्च पर रिटर्न को लेकर सवाल उठा रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि जैसे-जैसे ये कंपनियां अपने खर्च बढ़ा रही हैं, वैसे-वैसे निवेशकों को इनसे मुनाफे का स्पष्ट प्रमाण भी चाहिए। चिंता यह है कि क्या इतना निवेश सही रिटर्न दे पाएगा, खासकर जब दुनिया भर में सस्ते और बेहतर विकल्प उपलब्ध हो रहे हैं।

चीनी AI मॉडल्स का बढ़ता दबदबा

बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। चीन के ओपन-सोर्स AI मॉडल्स, जैसे Moonshot AI का Kimi K3, तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। OpenRouter के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल के अंत में जहां 4.37 ट्रिलियन टोकन प्रोसेस हो रहे थे, वहीं 19 जुलाई को यह संख्या बढ़कर 36.39 ट्रिलियन हो गई। इसी अवधि में, टॉप अमेरिकी मॉडल्स ने केवल 7.39 ट्रिलियन टोकन प्रोसेस किए। इससे पता चलता है कि चीनी कंपनियां तकनीक में बराबरी कर रही हैं और बेहद किफायती विकल्प दे रही हैं, जो अमेरिकी कंपनियों के मार्केट शेयर को कम कर सकते हैं।

बढ़ता कर्ज और वित्तीय जोखिम

वित्तीय मोर्चे पर भी जोखिम बढ़ रहा है। ये टेक कंपनियां अपने डेटा सेंटर और हार्डवेयर खरीदने के लिए तेजी से कर्ज ले रही हैं। अमेरिका में यह सेक्टर इन्वेस्टमेंट-ग्रेड डेट जारी करने वालों में सबसे आगे है, जिससे कंपनियों की बैलेंस शीट पर लंबे समय में पड़ने वाले असर को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। इसके अलावा, AI टोकन की कीमतों में लगातार गिरावट आ रही है, जो AI सेवाओं के कमोडिटाइजेशन (commoditization) को दर्शाता है। इससे भविष्य में प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है। डेटा सेंटर लीज और ऑफ-बैलेंस शीट देनदारियां भी वित्तीय जटिलताओं को बढ़ा रही हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.