Jefferies के Christopher Wood ने आगाह किया है कि सस्ते और दमदार चीनी AI मॉडल अमेरिकी कंपनियों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं, जिससे मार्केट वैल्यू में भारी गिरावट आ सकती है।
Detailed Coverage
अमेरिकी AI कंपनियों पर मंडरा रहा खतरा?
Jefferies के ग्लोबल हेड ऑफ इक्विटी स्ट्रेटेजी, Christopher Wood, ने निवेशकों को चेतावनी दी है कि चीन में तेजी से विकसित हो रहे सस्ते और असरदार AI मॉडल अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों के दबदबे को चुनौती दे सकते हैं। उनकी ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अगर चीनी AI मॉडल दुनिया भर में अपनी जगह बना लेते हैं, तो अमेरिकी बाजारों में भारी कैपिटल डिस्ट्रक्शन (पूंजी का विनाश) हो सकता है।
AI पर खर्च और घटती ग्रोथ
निवेशक अब AI डेवलपमेंट में हो रहे भारी खर्च और उससे मिलने वाले रिटर्न (Return on Capital Employed) पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। हाल के आंकड़ों से पता चला है कि अमेरिकी AI कंपनियों की ग्रोथ रेट पहले के मुकाबले धीमी पड़ रही है। इस वजह से कुछ कंपनियां अब AI को तेजी से अपनाने की अपनी रणनीति पर फिर से विचार कर रही हैं और कर्मचारियों के लिए अनियंत्रित प्रयोगों को हतोत्साहित कर रही हैं। एनालिस्ट्स का मानना है कि मार्केट अब यह सवाल पूछने लगा है कि क्या हाइपरस्केलर्स (बड़ी टेक कंपनियां) AI पर जो भारी-भरकम पैसा खर्च कर रही हैं, उससे उन्हें लंबे समय में पर्याप्त मुनाफा हो पाएगा।
ग्लोबल टेक स्टॉक्स पर असर
इन चिंताओं का असर ग्लोबल टेक्नोलॉजी मार्केट पर भी देखने को मिला है। हाल ही में दक्षिण कोरिया के Kospi इंडेक्स में लगभग 11% की बड़ी गिरावट आई, जो AI रैली की स्थिरता को लेकर क्षेत्रीय चिंता को दर्शाता है। इस दौरान Samsung Electronics और SK Hynix जैसी बड़ी टेक कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली हुई। बाजार के जानकारों का कहना है कि शेयरों में जब लंबी तेजी के बाद निवेशक मुनाफावसूली करने लगते हैं, तो भविष्य की ग्रोथ और खर्च की एफिशिएंसी को लेकर अनिश्चितताओं के बीच यह आम बात है।
चीनी AI मॉडल्स का बढ़ता दबदबा
OpenRouter प्लेटफॉर्म के डेटा से चीनी टेक्नोलॉजी की तेज तरक्की का पता चलता है। 19 जुलाई को खत्म हुए हफ्ते में, टॉप चीनी AI मॉडल्स ने 36.39 ट्रिलियन टोकन प्रोसेस किए, जो अप्रैल के आखिर में 4.37 ट्रिलियन टोकन की तुलना में काफी ज्यादा है। यह आंकड़ा इसी दौरान टॉप अमेरिकी मॉडल्स द्वारा प्रोसेस किए गए 7.39 ट्रिलियन टोकन से कहीं ज्यादा है। यह ट्रेंड दिखाता है कि चीनी डेवलपर्स AI क्षमताओं में तेजी से प्रतिस्पर्धी बन रहे हैं। Christopher Wood का तर्क है कि इस बदलते तकनीकी परिदृश्य का असर मौजूदा मार्केट वैल्यूएशन में अभी पूरी तरह से नहीं दिख रहा है, जो उन निवेशकों के लिए एक बड़ा जोखिम हो सकता है जिन्होंने AI-संचालित रैली में भारी निवेश किया है।
