Jefferies का बड़ा कदम: IT सेक्टर हुआ न्यूट्रल, AI ट्रेड में नरमी और 25% गिरावट है वजह

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AuthorMehul Desai|Published at:
Jefferies का बड़ा कदम: IT सेक्टर हुआ न्यूट्रल, AI ट्रेड में नरमी और 25% गिरावट है वजह

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने भारतीय IT सेक्टर को 'अंडरवेट' से 'न्यूट्रल' कर दिया है। कंपनी का मानना है कि AI ट्रेड में नरमी आ रही है और सेक्टर में इस साल अब तक **25%** की गिरावट दर्ज की गई है। निवेशकों के लिए अब वैल्यूएशन आकर्षक हो गए हैं, क्योंकि बड़े IT स्टॉक्स अपने पीक से **35%** से **50%** तक गिर चुके हैं।

Detailed Coverage

IT सेक्टर में आई भारी गिरावट, अब Jefferies का 'न्यूट्रल' कॉल

भारतीय IT सर्विसेज सेक्टर पिछले कुछ समय से बिकवाली के दबाव में है। इस साल अब तक सेक्टर में 25% की बड़ी गिरावट देखी गई है। Tata Consultancy Services (TCS), Infosys, HCLTech और Wipro जैसी दिग्गज IT कंपनियों के शेयर अपने पिछले दो सालों के हाई से 35% से 50% तक टूटे हैं। इन वैल्यूएशन शिफ्ट्स को देखते हुए, ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने IT सेक्टर की रेटिंग को 'अंडरवेट' से बढ़ाकर 'न्यूट्रल' कर दिया है।

वैल्यूएशन और ग्रोथ का गणित

Jefferies के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के संभावित डिस्टर्क्टिव इंपैक्ट को लेकर चिंताएं सेक्टर पर हावी रही हैं। हालांकि, AI ट्रेड को लेकर शुरुआती बाजार की तेजी अब ठंडी पड़ गई है। फर्म का मानना है कि मौजूदा वैल्यूएशन एक टैक्टिकल मौके की पेशकश करते हैं। प्रमुख भारतीय IT कंपनियां अब 13 से 17 गुना प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) मल्टीपल पर ट्रेड कर रही हैं। ये वैल्यूएशन पिछले हाई की तुलना में अधिक उचित लग रहे हैं, लेकिन फाइनेंशियल ईयर 2026 से 2028 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीदें कम से मध्यम सिंगल डिजिट में ही रहने का अनुमान है।

विदेशी निवेशकों का बदलता नज़रिया

हाल ही में 50 से अधिक फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) के साथ हुई बातचीत से पता चला है कि भारत को लेकर उनका सेंटिमेंट अधिक सकारात्मक हुआ है। निवेशक ग्लोबल AI ट्रेड में नरमी के चलते भारत को एक विकल्प के रूप में देख रहे हैं। यह बदलाव फॉरेन इंस्टीट्यूशनल (FI) फ्लो के पॉजिटिव होने से और मजबूत हुआ है, जिसका मुख्य कारण बाजार की उम्मीदों से बेहतर मैक्रोइकॉनॉमिक डेटा है।

पोर्टफोलियो में बदलाव

अपने इस 'न्यूट्रल' रुख को दर्शाने के लिए, Jefferies ने अपने मॉडल पोर्टफोलियो में Infosys को शामिल किया है और Coforge में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। इन एडिशन को संतुलित करने के लिए, फर्म ने पावर, रियल एस्टेट और हॉस्पिटल सेक्टर में अपनी होल्डिंग कम की है। इसके बावजूद, फर्म का लेंडर्स, पावर और इंडस्ट्रियल कंपनियों में 'ओवरवेट' पोजिशन बरकरार है, जो दर्शाता है कि IT में यह बदलाव एक टैक्टिकल एडजस्टमेंट है, न कि सेक्टर रोटेशन।

निवेशकों को क्या देखना चाहिए?

सेक्टर में एक टैक्टिकल रिकवरी की कोशिश के बीच, निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण यह देखना होगा कि IT कंपनियां अपने डील पाइपलाइन को रेवेन्यू ग्रोथ में बदलने में कितनी सफल होती हैं। भले ही निगेटिव खबरों पर बाजार की प्रतिक्रिया नरम पड़ी है, जो एक संभावित बॉटम का संकेत दे सकती है, आने वाली तिमाहियों में वास्तविक फाइनेंशियल परफॉरमेंस यह पुष्टि करने के लिए महत्वपूर्ण होगी कि क्या सेक्टर इस रिकवरी को बनाए रख सकता है। निवेशकों को मैनेजमेंट की कमेंट्री पर ध्यान देना चाहिए कि क्या डिस्क्रिशनरी खर्चों की मांग के रुझान मजबूत हो रहे हैं और क्या फाइनेंशियल ईयर आगे बढ़ने के साथ मिड-सिंगल-डिजिट ग्रोथ अनुमान स्थिर रहते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.