US Director of National Intelligence Jay Clayton अब नई 'Super Intelligence Force' का नेतृत्व करेंगे। इस टास्क फोर्स को **120 दिनों** के भीतर AI के लिए फेडरल ओवरसाइट और सुरक्षा मानकों पर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है, जो भविष्य में टेक कंपनियों के लिए जरूरी अनुपालन नियम बन सकते हैं।
अब नेशनल सिक्योरिटी का हिस्सा बना AI
अमेरिकी प्रशासन ने AI पॉलिसी को केवल एक कमर्शियल मुद्दा न रखकर इसे 'नेशनल सिक्योरिटी' की प्राथमिकता बना दिया है। Jay Clayton की अगुवाई वाली यह टास्क फोर्स यह जांच करेगी कि मौजूदा फेडरल एजेंसियों के पास AI सिस्टम को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त कानूनी अधिकार हैं या नहीं। 120 दिनों की समय सीमा में आने वाली यह रिपोर्ट तय करेगी कि भविष्य में AI कंपनियों को किस तरह के कड़े नियमों का पालन करना होगा।
कंपनियों के लिए बढ़ सकता है खर्च
पिछले दिनों व्हाइट हाउस में Alphabet (Google), Meta, Nvidia, Anthropic और OpenAI जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ हुए समिट में 'वॉलंटरी सेफ्टी स्टैंडर्ड्स' (स्वैच्छिक सुरक्षा मानक) पर सहमति बनी थी। हालांकि, नई टास्क फोर्स के गठन से संकेत मिल रहे हैं कि सरकार इन मानकों को कानूनी रूप से अनिवार्य (Mandatory) बना सकती है। अगर ऐसा होता है, तो कंपनियों के लिए थर्ड-पार्टी ऑडिटिंग और सुरक्षा मानकों पर खर्च बढ़ सकता है, जिसका सीधा असर उनके प्रॉफिट मार्जिन पर देखने को मिल सकता है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर्स पर भी नजर
यह टास्क फोर्स सिर्फ सॉफ्टवेयर तक सीमित नहीं रहेगी। AI मॉडल को चलाने के लिए भारी मात्रा में कंप्यूटिंग पावर और डेटा सेंटर्स की जरूरत होती है। भारी ऊर्जा खपत को लेकर स्थानीय स्तर पर बढ़ते विरोध को देखते हुए, सरकार अब कंपनियों पर दबाव बना रही है कि वे बुनियादी ढांचे के विस्तार के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा पहुंचाएं। निवेशकों के लिए, अगले 120 दिनों का समय यह समझने के लिए बेहद अहम है कि अमेरिका में AI का भविष्य कितना सख्त या उदार होने वाला है।
