जापान की दिग्गज कंपनी Hirata Corporation ने ATS India के साथ एक एक्सक्लूसिव पार्टनरशिप की है। इस डील के जरिए कंपनी भारत के बढ़ते OSAT (सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग) सेक्टर के लिए हाई-प्रिसिजन रोबोटिक और मटेरियल-हैंडलिंग उपकरण उपलब्ध कराएगी।
बाजार में नई हलचल
जापान की टोक्यो-लिस्टेड ऑटोमेशन स्पेशलिस्ट कंपनी, Hirata Corporation अब भारतीय सेमीकंडक्टर मार्केट में कदम रख रही है। ATS India के साथ इस एक्सक्लूसिव डील का मुख्य मकसद चिप मैन्युफैक्चरिंग के लिए जरूरी एडवांस टूल्स, जैसे वेफर-हैंडलिंग रोबोट, लोड पोर्ट्स और क्लीनरूम इंटीग्रेशन सिस्टम मुहैया कराना है।
क्यों है यह रणनीतिक कदम?
दोनों कंपनियों का रिश्ता करीब 10 साल पुराना है, जो अब तक ऑटोमोटिव सेक्टर तक सीमित था। अब सरकार के 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' (India Semiconductor Mission) को देखते हुए, ये दोनों कंपनियां चिप असेंबली और पैकेजिंग की बढ़ती डिमांड को भुनाने की तैयारी में हैं। Hirata के लिए फायदा यह है कि उसे भारत में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए भारी निवेश (Capital Investment) करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि वह ATS के मौजूदा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का इस्तेमाल करेगी।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
सेमीकंडक्टर बिजनेस काफी लंबा और पैसा मांगता है। इस पार्टनरशिप की सफलता पूरी तरह इस पर टिकी है कि भारत में नए सेमीकंडक्टर प्लांट और OSAT फैसिलिटीज कितनी तेजी से शुरू होते हैं।
निवेशकों को इन 3 बातों पर नजर रखनी चाहिए:
- भारत में नए सेमीकंडक्टर प्लांट्स की कमीशनिंग की रफ्तार।
- मार्केट में मौजूद ग्लोबल प्लेयर्स से मिलने वाली कड़ी प्रतिस्पर्धा।
- स्किल्ड लेबर की उपलब्धता जो इन कॉम्प्लेक्स रोबोटिक्स को मेंटेन कर सके।
अगले कुछ समय में OSAT प्लेयर्स की तरफ से आने वाली नई ऑर्डर की घोषणाएं ही तय करेंगी कि यह साझेदारी बिजनेस में कितना बड़ा मुनाफा लाती है।
