JPMorgan Chase के CEO Jamie Dimon ने बड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि Anthropic का Mythos AI मॉडल दुनिया भर में साइबर खतरों को **10 गुना** बढ़ा रहा है। यह AI अब खुद से सॉफ्टवेयर की कमियां ढूंढने में सक्षम है, जिससे बैंकों के लिए अपनी सुरक्षा को मजबूत रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
सुरक्षा के लिए नया खतरा
लंदन में आयोजित 14वीं वार्षिक JPMorgan टेक समिट में Jamie Dimon ने स्पष्ट किया कि एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा के लिए बड़ा सिरदर्द बन गया है। इस साल की शुरुआत में 'Project Glasswing' के दौरान सामने आई Mythos मॉडल की क्षमताएं अब चिंता का विषय हैं। यह मॉडल इंसानी सुरक्षा टीमों की तुलना में कहीं अधिक तेजी से सॉफ्टवेयर कोड में खामियों को ढूंढकर उन्हें एक्सप्लॉइट (Exploit) कर सकता है।
बैंकों पर बढ़ता दबाव
वित्तीय संस्थानों के लिए यह एक बड़ा शिफ्ट है। चूंकि बैंक ट्रांजेक्शन और डेटा सुरक्षा के लिए जटिल सॉफ्टवेयर नेटवर्क का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए AI का ये ऑटोनॉमस (Autonomous) नेचर बैंकों को अपनी सुरक्षा रणनीति बदलने पर मजबूर कर रहा है। Dimon ने साफ किया है कि इसे केवल एक सैद्धांतिक खतरा न समझा जाए, बल्कि यह एक व्यावहारिक समस्या है जिस पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है।
JPMorgan का नया स्टैंड
इस जोखिम को देखते हुए JPMorgan Chase अब अपनी डिजिटल सीमाओं (Digital Perimeters) को और सख्त कर रहा है। बैंक की रणनीति अब अनवेरिफाइड (Unverified) AI टूल्स को अपने कोर सिस्टम से अलग करने की है। कंपनी अब बाहरी और ओपन-सोर्स AI इंटीग्रेशन के बजाय आंतरिक इंजीनियरिंग और डिफेंसिव मेजर्स पर अधिक निवेश कर रही है।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
आने वाली तिमाहियों में निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि कैसे वित्तीय संस्थान अपने साइबर सुरक्षा बजट को बढ़ाते हैं। एआई-संचालित खतरों से निपटने के लिए अब बार-बार सिस्टम अपग्रेड करना जरूरी हो गया है, जिससे कंपनियों के ऑपरेशनल कॉस्ट में बढ़ोतरी की आशंका है। सुरक्षा और स्टेबिलिटी अब संस्थानों की मजबूती का मुख्य पैमाना बन गई है।
