JPMorgan के CEO Jamie Dimon ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर कंपनियों की बढ़ती खर्च पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि AI में भारी निवेश करने वाली कंपनियों को अब इसका ठोस आर्थिक लाभ (Economic Value) साबित करना होगा, साथ ही अपने प्रोप्राइटरी डेटा (Proprietary Data) को सुरक्षित रखने पर भी पूरा ध्यान देना होगा।
AI से 'रिटर्न' की मांग
Jamie Dimon का मानना है कि AI अब शुरुआती दौर से निकलकर गंभीर चरण में पहुंच गया है। पहले जहाँ कंपनियां AI को सिर्फ टेस्टिंग या चैटबॉट जैसे कामों के लिए इस्तेमाल कर रही थीं, वहीं अब इसे हेल्थकेयर और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर लागू किया जा रहा है। इसी के साथ, कंपनियों पर यह दबाव बढ़ गया है कि वे AI इन्फ्रास्ट्रक्चर पर किए जा रहे भारी-भरकम खर्च का हिसाब दें। Dimon ने कहा कि निवेशक अब उन खर्चों पर सवाल उठा रहे हैं जिनका सीधा असर कंपनी के मुनाफे (Bottom Line) पर नजर नहीं आता।
'डेटा' सुरक्षा की चुनौती
JPMorgan जैसे बड़े बैंकों के लिए AI को अपनाना एक बड़ी चुनौती है, खासकर डेटा सुरक्षा (Data Security) और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (Intellectual Property) को लेकर। Dimon ने पुष्टि की है कि बैंक ग्राहकों की जानकारी और अपने आंतरिक मॉडल्स को सुरक्षित रखने के लिए बेहद सतर्क रवैया अपना रहा है। जैसे-जैसे कंपनियां बाहरी AI वेंडर्स पर निर्भर हो रही हैं, उनसे यह उम्मीद की जा रही है कि वे सर्विस प्रोवाइडर्स से अपने खर्च का 'स्पष्ट वैल्यू' साबित करने की मांग करें। टेक्नोलॉजी की दौड़ और डेटा की सुरक्षा के बीच यह संतुलन आने वाले सालों में AI एडॉप्शन (AI Adoption) की दिशा तय करेगा।
आर्थिक असर और इनोवेशन
Dimon ने यह भी साफ किया कि AI भले ही इनोवेशन (Innovation) का एक बड़ा जरिया हो, लेकिन यह अर्थव्यवस्था का सिर्फ एक हिस्सा है। उन्होंने कृषि और मैन्युफैक्चरिंग जैसे पारंपरिक क्षेत्रों में हो रही प्रगति का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था काफी विविध है। भविष्य में निवेशक इसी बात पर ध्यान देंगे कि कंपनियां AI पर किए गए भारी खर्च को बेहतर प्रॉफिट मार्जिन (Profit Margins) या ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiencies) में कैसे बदल पाती हैं। जो कंपनियां AI पर खूब पैसा खर्च कर रही हैं लेकिन अपने लॉन्ग-टर्म फाइनेंशियल परफॉरमेंस (Financial Performance) में सुधार नहीं दिखा पा रही हैं, उन पर बाजार की नजर जरूर रहेगी।
