JNCASR का बड़ा कारनामा: Scandium Nitride के जरिए तोड़ी थर्मोइलेक्ट्रिक फिजिक्स की पुरानी सीमाएं

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AuthorNeha Patil|Published at:
JNCASR का बड़ा कारनामा: Scandium Nitride के जरिए तोड़ी थर्मोइलेक्ट्रिक फिजिक्स की पुरानी सीमाएं

Jawaharlal Nehru Centre for Advanced Scientific Research (JNCASR) के वैज्ञानिकों ने Scandium Nitride की एक नई फिल्म विकसित की है, जो थर्मोइलेक्ट्रिक फिजिक्स के पुराने नियमों को चुनौती देती है। यह खोज रूम-टेम्परेचर क्वांटम सेंसर के लिए बड़ी उम्मीद जगाती है, हालांकि अभी यह पूरी तरह से रिसर्च स्टेज में है।

वैज्ञानिकों ने मैग्नीशियम-डोपेड Scandium Nitride की एक पतली फिल्म बनाई है, जिसका Seebeck कोएफिशिएंट -124.6 millivolts per Kelvin से भी ज्यादा है। यह आंकड़ा पारंपरिक 'Boltzmann thermopower limit' से काफी बेहतर है, जो अब तक सॉलिड क्रिस्टलाइन मैटेरियल्स के लिए एक चुनौती बनी हुई थी।\n\nइस खोज की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आमतौर पर इनऑर्गेनिक सेमीकंडक्टर्स की क्षमता माइक्रोवोल्ट्स में सीमित होती है। लेकिन वैज्ञानिकों ने इसके लैटिस में मैग्नीशियम मिलाकर एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक्स माहौल तैयार किया है, जो आमतौर पर जटिल लिक्विड्स में ही देखने को मिलता है। इससे बिना किसी भारी-भरकम क्रायोजेनिक कूलिंग सिस्टम के, रूम-टेम्परेचर पर ही बेहतरीन सेंसिंग मुमकिन हो सकेगी।\n\nइसका सीधा फायदा भविष्य में बायोमेडिकल इमेजिंग, ड्रग डिस्कवरी और डायग्नोस्टिक्स जैसे क्षेत्रों को मिल सकता है, जहां हाई-सेंसिटिव इमेजिंग की जरूरत होती है। फिलहाल, रिसर्च टीम ने इसके लिए भारतीय पेटेंट आवेदन भी दाखिल किया है।\n\nनिवेशकों और मार्केट के लिए अलर्ट:\nहालांकि यह वैज्ञानिक दृष्टिकोण से एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन निवेशकों को यह समझना होगा कि यह अभी पूरी तरह से एक एकेडमिक रिसर्च है। इसका अभी तक किसी कमर्शियल प्रोडक्ट या लिस्टेड कंपनियों से कोई सीधा संबंध नहीं है। बड़े पैमाने पर उत्पादन, परफॉर्मेंस की स्थिरता और इंडस्ट्रियल इंटीग्रेशन जैसी चुनौतियां अभी बाकी हैं, जिसके कारण इसकी बाजार में एंट्री का समय अभी तय नहीं है।

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