Intel के शेयरों में आज हाहाकार मचा हुआ है। कंपनी ने चौथी तिमाही के लिए कमजोर रेवेन्यू फोरकास्ट जारी किया है, जिसके चलते शेयर **21%** तक गिर गया है। पीसी मार्केट में सुस्ती और नई फैक्ट्रियों पर भारी खर्च कंपनी के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
कमजोर गाइडेंस ने बढ़ाई चिंता
Intel ने चौथी तिमाही के लिए जो रेवेन्यू गाइडेंस दी है, वह बाजार की उम्मीदों के बिल्कुल विपरीत है। कंपनी को $15 बिलियन से $16 बिलियन के रेवेन्यू की उम्मीद है, जबकि एनालिस्ट्स $17 बिलियन का अनुमान लगा रहे थे। इसके अलावा, अर्निंग्स प्रति शेयर 25 सेंट्स रहने का अनुमान है, जो बाजार के 43 सेंट्स के अनुमान से काफी कम है।
पीसी मार्केट की मार और ऑपरेशनल दिक्कतें
कंपनी के प्रदर्शन पर सबसे ज्यादा असर पीसी (PC) मार्केट की सुस्ती का पड़ा है। कंप्यूटर मैन्युफैक्चरर्स मेमोरी सेमीकंडक्टर्स की कमी और अनिश्चित कीमतों से जूझ रहे हैं, जिससे शिपमेंट वॉल्यूम पर बुरा असर पड़ा है। इसका सीधा फायदा Advanced Micro Devices जैसे प्रतिद्वंद्वियों को मिल रहा है। इतना ही नहीं, इजरायल में फैक्ट्री बंद होने से कंपनी को $300 मिलियन का नुकसान उठाना पड़ा है, और ऐसी ही स्थिति 2027 की शुरुआत में भी होने की आशंका है।
'इन्वेस्टमेंट ईयर' और भविष्य की राह
CEO Lip-Bu Tan के नेतृत्व में मैनेजमेंट ने साफ कर दिया है कि 2027 उनके लिए एक 'इन्वेस्टमेंट ईयर' होगा। कंपनी नई मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स और इक्विपमेंट पर अरबों डॉलर खर्च करने की तैयारी कर रही है। इसका मतलब है कि निवेशकों को फिलहाल फ्री कैश की उम्मीद कम ही रखनी चाहिए। Intel अपनी फाउंड्री बिजनेस को विस्तार देकर Taiwan Semiconductor Manufacturing Co. (TSMC) को टक्कर देने की रणनीति पर काम कर रही है।
मार्जिन पर दबाव
हालांकि फाउंड्री यूनिट की सेल्स में पिछले साल के मुकाबले 58% का उछाल आया है, लेकिन कंपनी का ग्रॉस प्रॉफिट मार्जिन गिरकर 38% तक रहने का अनुमान है। मार्केट की इस सुस्ती के 2027 के मध्य तक बने रहने के संकेत हैं। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कंपनी हाई कॉस्ट को मैनेज करते हुए सर्वर और एआई (AI) प्रोसेसर मार्केट में अपनी खोई हुई पकड़ वापस पा सकेगी या नहीं।
