Intel ने क्वांटम सॉफ्टवेयर कंपनी Classiq को लगभग **$2.3 बिलियन** में खरीदने का ऐलान किया है। इस डील के जरिए कंपनी अब हार्डवेयर के साथ-साथ सॉफ्टवेयर सर्विस देने वाली 'फुल-स्टैक' कंपनी बनने की ओर कदम बढ़ा रही है।
फुल-स्टैक क्वांटम की ओर कदम
सालों तक Intel का फोकस केवल क्वांटम कंप्यूटर के लिए फिजिकल चिप्स बनाने पर था। लेकिन अब कंपनी ने अपनी रणनीति बदली है। इसराइल की स्टार्टअप Classiq को खरीदकर, Intel अब ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार करना चाहती है जहां हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों एक साथ मिल सकें। इसका फायदा यह होगा कि कंपनियां क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए आसानी से कोड लिख सकेंगी और इसका इस्तेमाल कर पाएंगी।
निवेशकों के लिए बड़ी चुनौती
यह डील देखने में भले ही भविष्य के लिए बड़ी लग रही हो, लेकिन मौजूदा फाइनेंशियल हालात में यह एक रिस्क भी है। Intel पहले से ही अपने फाउंड्री (Foundry) बिजनेस के भारी-भरकम टर्नअराउंड प्लान में उलझी है, जिसमें काफी ज्यादा कैपिटल खर्च हो रहा है। ऐसे में $2.3 बिलियन का खर्च कंपनी के कैश रिजर्व पर असर डाल सकता है। निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या यह लंबी अवधि का निवेश Intel के कैश फ्लो को मैनेज करने में बाधा बनेगा, क्योंकि क्वांटम टेक्नोलॉजी से मुनाफा आने में अभी काफी वक्त लगेगा।
रेगुलेटरी और मार्केट की स्थिति
इस अधिग्रहण की प्रक्रिया 2027 की पहली छमाही तक पूरी होने की उम्मीद है, बशर्ते इसे एंटी-ट्रस्ट अथॉरिटीज से मंजूरी मिल जाए। इस दौड़ में Intel अकेला नहीं है, Google और IBM जैसे दिग्गजों का दबदबा पहले से ही बना हुआ है। अब देखना यह है कि क्या यह नई तकनीक Intel को बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धियों से अलग खड़ा कर पाएगी या यह केवल एक रिसर्च-हेवी प्रोजेक्ट बनकर रह जाएगा।
