AI स्टार्टअप Instinct ने अब ग्रुप चैट्स के लिए नया फीचर रोलआउट किया है, जो शेड्यूलिंग जैसे कामों को आसान बनाएगा। कंपनी हाल ही में सीरीज C फंडिंग के बाद **$10 बिलियन** की वैल्यूएशन पर पहुंच गई है, लेकिन ध्यान रहे कि यह अभी एक प्राइवेट कंपनी है और शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है।
एआई का नया अवतार
AI स्टार्टअप Instinct ने अपनी तकनीक का दायरा बढ़ाते हुए इसे ग्रुप चैट्स में शामिल कर दिया है। अब इसका वर्चुअल एजेंट इवेंट प्लानिंग, कारपूल और शेड्यूलिंग जैसे लॉजिस्टिक्स के कामों में मदद करेगा। सबसे खास बात यह है कि चैट में मौजूद अन्य लोग, जिनके पास Instinct अकाउंट नहीं है, वे भी इस AI एजेंट की मदद ले सकेंगे। कंपनी का लक्ष्य इसे रोजमर्रा के प्रोफेशनल और सोशल तालमेल के लिए एक जरूरी टूल बनाना है।
फंड की रेस और वैल्यूएशन
सितंबर 2026 में सीरीज C फंडिंग राउंड के बाद कंपनी की वैल्यूएशन $10 बिलियन के जादुई आंकड़े को पार कर गई है। यह 'एजेंटिक एआई' (Agentic AI) सेक्टर में निवेशकों की गहरी दिलचस्पी को दिखाता है।
क्या भारतीय निवेशक इसमें पैसा लगा सकते हैं?
भारतीय निवेशकों के लिए यह जानना जरूरी है कि Instinct एक प्राइवेट कंपनी है। भारत के नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) या बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्टेड कंपनियों के विपरीत, इसमें फिलहाल रिटेल निवेशकों के लिए शेयर खरीदने का कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है।
चुनौती और जोखिम
बाजार में मुकाबला कड़ा है। Instinct का सीधा मुकाबला Meta के 'Muse' एआई असिस्टेंट से है, जिसे WhatsApp और Messenger जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स का साथ मिला हुआ है। इसके अलावा, डेटा सिक्योरिटी और प्राइवेसी सबसे बड़ा रिस्क है क्योंकि एजेंट को कैलेंडर, ईमेल और मैसेज जैसे पर्सनल डेटा तक एक्सेस चाहिए होता है। कंपनी का कहना है कि वे 'डेटा सिलोइंग' का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन ग्लोबल रेगुलेटरी दबाव और डेटा हैंडलिंग को लेकर लगातार निगरानी बनी रहेगी।
