टेक्नोलॉजी फर्म Ingram Micro ने भारत में अपना मैनपावर और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तेजी से बढ़ाना शुरू कर दिया है। कंपनी ने इस साल **500** नई नियुक्तियां की हैं ताकि AI और क्लाउड बिजनेस में मिल रही डबल-डिजिट ग्रोथ को संभाला जा सके।
बड़े स्तर पर हो रहा विस्तार
Ingram Micro ने भारत में अपनी ऑपरेशंस को बड़े पैमाने पर अपग्रेड करना शुरू कर दिया है। कंपनी ने इस साल 500 नए कर्मचारी रखे हैं और अभी 100 और विशेषज्ञों की तलाश है। इसके साथ ही कंपनी में कुल कर्मचारियों की संख्या 2,600 के पार पहुंच गई है, जिससे भारत उनके लिए दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मार्केट बन गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स में बदलाव
कंपनी पुणे में अपना एक बड़ा वेयरहाउस शिफ्ट कर रही है और बेंगलुरु हब को IT एसेट-डिस्पोजल के लिए तैयार कर रही है। चीफ कंट्री एग्जीक्यूटिव Flavio Moraes Junior के अनुसार, मोबिलिटी, क्लाउड और डेटा सेंटर जैसे सेक्टर में डबल-डिजिट ग्रोथ देखी जा रही है। खास बात यह है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कारण हाई-परफॉर्मेंस सर्वर्स की मांग सबसे ज्यादा है।
सेक्टर के लिए क्या हैं संकेत?
যদিও Ingram Micro एक प्राइवेट कंपनी है, लेकिन इसकी ग्रोथ भारतीय IT डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर के लिए एक बड़ा बेंचमार्क है। Redington Limited जैसी लिस्टेड कंपनियां इसी तरह के सेगमेंट में काम करती हैं। निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि इस सेक्टर में वॉल्यूम ज्यादा होता है लेकिन मार्जिन काफी कम (Thin Margins) होते हैं।
सफलता पूरी तरह से सप्लाई चेन और HP, Dell व Cisco जैसे ग्लोबल मैन्युफैक्चरर्स के साथ मजबूत रिश्तों पर टिकी है। फिलहाल AI के बढ़ते ट्रेंड से सेक्टर को फायदा तो दिख रहा है, लेकिन सप्लाई चेन में बाधा और हार्डवेयर इंपोर्ट कॉस्ट का रिस्क बना हुआ है।
