ग्लोबल टेक दिग्गज Accenture के बेहतर नतीजों और ग्रोथ फोरकास्ट के बाद अमेरिकी मार्केट में Infosys और Wipro के ADRs में तेजी देखी गई। यह खबर भारतीय आईटी सेक्टर के लिए बड़ी राहत लेकर आई है जो लंबे समय से मांग में कमी और एआई के दबाव से जूझ रहा था।
गुरुवार को अमेरिकी बाजारों में Infosys और Wipro के ADRs में जबरदस्त हलचल दिखी, जहां Infosys के शेयर 8% और Wipro के शेयर 3% तक चढ़ गए। इस तेजी के पीछे की मुख्य वजह ग्लोबल टेक कंपनी Accenture के चौथी तिमाही के नतीजे हैं, जिन्होंने बाजार की उम्मीदों को पीछे छोड़ दिया है।
आंकड़ों की जुबानी (Numbers Game)
Accenture ने $18.68 बिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया है, जबकि एनालिस्ट्स को महज $18.03 बिलियन की उम्मीद थी। कंपनी का सालाना रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस 3% से 6% के बीच रहा, जो कि मार्केट के 3.9% के अनुमान से काफी बेहतर है। आईटी जगत में Accenture को एक 'बेलवेदर' (Bellwether) माना जाता है, इसलिए इनकी ग्रोथ भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए स्टेबिलिटी का संकेत मानी जा रही है।
क्यों था ये सेक्टर परेशान?
साल 2026 आईटी कंपनियों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। क्लाइंट्स की ओर से खर्च में कटौती और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के आने से जो प्राइजिंग प्रेशर बना है, उसने सेक्टर के मार्जिन्स को प्रभावित किया है। बड़ी डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन डील्स के बजाय क्लाइंट्स अभी केवल कॉस्ट-ऑप्टिमाइजेशन पर जोर दे रहे हैं।
आगे क्या है रिस्क?
मार्केट की इस तेजी के बावजूद एक्सपर्ट्स अभी भी जुलाई-सितंबर तिमाही को लेकर फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि पिछले तीन सालों में यह दौर आईटी सेक्टर के लिए सबसे कठिन हो सकता है। भारतीय निवेशकों के लिए असली परीक्षा तब होगी जब यह ग्लोबल सेंटीमेंट घरेलू ऑर्डर बुक्स में तब्दील होगा। ऐसे में आगामी अर्निंग्स सीजन और मैनेजमेंट की कमेंट्री पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा।
