SEMICON India 2026 में Infosys ने अपना फोकस बदलते हुए फुल-स्टैक सिलिकॉन डिजाइन की ओर कदम बढ़ाने का ऐलान किया है। कंपनी अब **$6.7 ट्रिलियन** के AI इंफ्रास्ट्रक्चर मार्केट में अपनी हिस्सेदारी पक्की करने की तैयारी में है।
'Engineered in India' से 'Invent in India' का सफर
SEMICON India 2026 में Infosys के मैनेजमेंट ने साफ कर दिया है कि अब समय सिर्फ इंजीनियरिंग सर्विसेज तक सीमित रहने का नहीं है। कंपनी अब पूरी टेक्नोलॉजी स्टैक पर मालिकाना हक रखने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यह स्ट्रैटेजिक बदलाव मुख्य रूप से AI सेक्टर में बढ़ती चिप्स की मांग को पूरा करने के लिए है।
AI मार्केट का बड़ा मौका और चुनौतियां
ग्लोबल स्तर पर AI डेटा सेंटर पर खर्च $6.7 ट्रिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। Infosys के साथ-साथ L&T Technology Services और Tata Elxsi जैसी कंपनियों के लिए यह बड़ा अवसर है, लेकिन यह रास्ता आसान नहीं है।
- कैपिटल का दबाव: इस नए बिजनेस मॉडल में भारी मात्रा में R&D खर्च की जरूरत होगी, जिससे शॉर्ट टर्म में प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव दिख सकता है।
- बिजनेस मॉडल में बदलाव: ट्रेडिशनल सॉफ्टवेयर सर्विसेज के विपरीत, हार्डवेयर और सिलिकॉन डिजाइन में प्रोडक्ट लाइफसाइकिल लंबी होती है और यह अधिक रिस्की है।
सरकारी सपोर्ट और निवेशकों के लिए नजरिया
'India Semiconductor Mission' जैसे सरकारी प्रयासों से घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट मिल रहा है। हालांकि, अभी मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में लोकल कंटेंट सिर्फ 23% है, जो दिखाता है कि एक आत्मनिर्भर इकोसिस्टम बनने में अभी वक्त लगेगा।
निवेशकों के लिए सबसे जरूरी यह देखना होगा कि कंपनी का कैपिटल एलोकेशन कैसे बदलता है। आने वाली तिमाही में कंपनी का R&D में खर्च और क्लाइंट्स का इस नए डिजाइन के प्रति रिस्पॉन्स ही स्टॉक की दिशा तय करेगा।
