Infosys के CEO सलील पारेख ने AI इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश को लेकर रिस्क की चेतावनी दी है। हालांकि, बाजार ने कंपनी की 'एसेट-लाइट' रणनीति पर भरोसा जताते हुए शेयर में **4%** की बढ़त दर्ज की है।
AI इन्फ्रास्ट्रक्चर पर क्यों है खतरा?
Infosys के CEO सलील पारेख ने ग्लोबल स्तर पर AI इन्फ्रास्ट्रक्चर में हो रहे अंधाधुंध निवेश पर सवाल उठाए हैं। पारेख का मानना है कि डेटा सेंटर और महंगे चिप्स में जिस गति से निवेश किया जा रहा है, वह जल्द ही पुराने (obsolete) हो सकते हैं। इससे कंपनियों को अपना भारी-भरकम कैपिटल खर्च वसूलने में मुश्किल आ सकती है।
'एसेट-लाइट' मॉडल का फायदा
जहां दुनिया भर की दिग्गज कंपनियां फिजिकल डेटा सेंटर बनाने की दौड़ में अरबों डॉलर फूँक रही हैं, वहीं Infosys इस रेस से खुद को अलग रख रही है। कंपनी का फोकस 'एसेट-लाइट' रणनीति पर है, ताकि क्लाइंट्स बिना महंगे हार्डवेयर खरीदे AI को अपना सकें।
क्लाइंट्स की बदलती पसंद
कॉर्पोरेट जगत अब महंगे फाउंडेशन मॉडल्स के बजाय छोटे और किफायती AI सॉल्यूशंस को प्राथमिकता दे रहा है। यह बदलाव Infosys के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। कंपनी के हालिया Q1 FY27 नतीजों में 21.1% के ऑपरेटिंग मार्जिन यह बताते हैं कि कंपनी अपनी प्रॉफिटेबिलिटी को मजबूती से संभाल रही है।
बाजार का रिएक्शन
चेतावनी के बावजूद, 13 अक्टूबर, 2026 को Infosys का शेयर 4% ऊपर बंद हुआ। Nifty IT इंडेक्स में आई रिकवरी और कंपनी की अनुशासित कार्यप्रणाली पर निवेशकों ने मोहर लगा दी है। अब देखना यह है कि क्या यह 'सर्विस-लेड' रणनीति लंबी अवधि में मुनाफे का इंजन बनी रहती है या नहीं।
