Infosys Share Price: AI की लहर में सवार Infosys, शेयर **10%** चढ़ा!

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AuthorMehul Desai|Published at:
Infosys Share Price: AI की लहर में सवार Infosys, शेयर **10%** चढ़ा!

Infosys के शेयर आज **10%** की जोरदार तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं। कंपनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड सेवाओं से प्रेरित होकर पिछले साल की तुलना में **33%** की रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है। Infosys का 12 महीने का ऑर्डर बुक अब **$2.23 बिलियन** हो गया है, जो डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सर्विसेज की मजबूत मांग का संकेत देता है। इस तेजी से Nifty IT इंडेक्स **3.3%** चढ़ा, जबकि बाकी बाजार सपाट रहा।

Detailed Coverage

AI की वजह से Infosys की तूफानी तेजी

Infosys के शेयर आज शेयर बाजार में 10% की शानदार बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे हैं। कंपनी के लेटेस्ट तिमाही नतीजों ने निवेशकों को खुश कर दिया है। डॉलर टर्म्स में, कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में 33% बढ़ा है, जो कि इस बाजार में एक बड़ी उपलब्धि है। इस ग्रोथ का मुख्य कारण कंपनी का हाई-वैल्यू सर्विसेज की ओर झुकाव है। अब Infosys का 86% रेवेन्यू आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े इंजीनियरिंग, डेटा और क्लाउड कंप्यूटिंग प्रोजेक्ट्स से आ रहा है।

ऑर्डर बुक और भविष्य की रणनीति

निवेशकों की नजरें कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन पर टिकी हैं। Infosys ने कन्फर्म किया है कि उनके पास अगले 12 महीनों के लिए $2.23 बिलियन का एग्जीक्यूटेबल ऑर्डर बुक है। यह मजबूत ऑर्डर बुक भविष्य में रेवेन्यू की अच्छी विजिबिलिटी दिखाता है। हालांकि, इन ऑर्डर्स को मुनाफे में बदलना कंपनी की कॉस्ट मैनेजमेंट और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन की क्षमता पर निर्भर करेगा।

बाजार का हाल और IT सेक्टर का जलवा

IT सेक्टर की इस मजबूत परफॉर्मेंस ने Nifty 50 इंडेक्स को सहारा दिया, जो मंगलवार को लगभग सपाट 23,985 पर बंद हुआ। यह स्थिरता तब आई जब दक्षिण कोरिया और जापान के सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में भारी गिरावट देखी गई। जहाँ भारतीय IT सेक्टर की कंपनियों ने अच्छा प्रदर्शन किया, वहीं अन्य सेक्टर्स को चुनौतियों का सामना करना पड़ा। Reliance Industries के शेयर 7% गिरे क्योंकि मुनाफे के मार्जिन पर दबाव दिखा, भले ही रेवेन्यू 10% बढ़ा हो। इसी तरह, Tata Motors के शेयर 7% नीचे आ गए क्योंकि तिमाही वॉल्यूम ग्रोथ उम्मीद से कम रही।

बाजार को प्रभावित करने वाले फैक्टर्स

बाजार की चाल पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का भी असर दिख रहा है। ब्रेंट क्रूड $80 से $86 प्रति बैरल के बीच ट्रेड कर रहा है, जिसका सीधा असर भारत में एनर्जी कॉस्ट और महंगाई की उम्मीदों पर पड़ता है। इसके अलावा, भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ है, जो लगभग 95.78 पर पहुंच गया है। यह लगातार डॉलर सप्लाई और तेल की कीमतों में नरमी का नतीजा है।

फिलहाल, निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ जापान की आने वाली पॉलिसी मीटिंग्स पर नजरें गड़ाए हुए हैं। इन फैसलों के साथ-साथ जारी अर्निंग सीजन भी बाजार की दिशा तय करेंगे। Asian Paints, Eicher Motors, Dabur India, Adani Enterprises, और Colgate-Palmolive जैसी बड़ी कंपनियों के नतीजे कंज्यूमर डिमांड और कॉर्पोरेट प्रॉफिटेबिलिटी के बारे में और जानकारी देंगे। IT निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि क्या कंपनियां AI-संचालित ऑर्डर जीतने की वर्तमान गति को बनाए रख सकती हैं और बदलते वैश्विक आर्थिक माहौल में अपने मार्जिन को मैनेज कर सकती हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.