Infosys CEO बदलाव: 2027 में Ashiss Kumar Dash संभालेंगे कमान, Salil Parekh होंगे रिटायर

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Infosys CEO बदलाव: 2027 में Ashiss Kumar Dash संभालेंगे कमान, Salil Parekh होंगे रिटायर

Infosys ने भविष्य के लिए बड़ी घोषणा की है। कंपनी ने Ashiss Kumar Dash को CEO डेजिग्नेट (CEO Designate) बनाया है, जो अप्रैल 2027 में Salil Parekh की जगह लेंगे। यह कदम आईटी दिग्गज के लिए नेतृत्व में स्पष्टता लाता है।

Detailed Coverage

Infosys में 2027 से नया CEO

भारत की दिग्गज आईटी कंपनी Infosys ने अपने भविष्य के नेतृत्व को लेकर एक अहम घोषणा की है। कंपनी ने Ashiss Kumar Dash को CEO डेजिग्नेट (CEO Designate) नियुक्त किया है। वे अप्रैल 2027 में मौजूदा CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर Salil Parekh का स्थान लेंगे। यह फैसला कॉरपोरेट गवर्नेंस के तहत लिया गया है ताकि कंपनी में स्थिरता और निरंतरता बनी रहे।

कच्चे तेल के दाम और एविएशन सेक्टर पर असर

Infosys के नेतृत्व परिवर्तन के बीच, वैश्विक बाजार पर कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतों का दबाव बना हुआ है। ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude Oil) के दाम $100 प्रति बैरल के करीब पहुंच गए हैं, जिसका मुख्य कारण पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव है। बढ़ी हुई तेल कीमतें महंगाई बढ़ा सकती हैं और वैश्विक आर्थिक विकास को धीमा कर सकती हैं, जिससे आईटी सेक्टर के क्लाइंट्स अपने खर्चों को लेकर सतर्क हो सकते हैं।

इसके अलावा, एविएशन सेक्टर में InterGlobe Aviation (IndiGo) ने जून तिमाही में ₹238 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है। पिछले साल की समान अवधि में कंपनी ने ₹2,176 करोड़ का मुनाफा कमाया था। एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की ऊंची कीमतें, रुपये का कमजोर होना और ऑपरेशनल दिक्कतें इस घाटे की वजह बनी हैं। कंपनी का रेवेन्यू 20% बढ़ा है, लेकिन मुनाफे पर मार्जिन का दबाव दिखाता है कि एविएशन सेक्टर तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और करेंसी के प्रति कितना संवेदनशील है।

निवेशकों के लिए खास बातें

Infosys के निवेशकों की नजरें कंपनी की लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन खर्चों में क्लाइंट्स की बढ़ती सतर्कता के बीच प्रतिस्पर्धा बनाए रखने पर होंगी। कंपनी के अगले तिमाही नतीजों (Quarterly Results) से डिमांड और ऑपरेशनल एफिशिएंसी का पता चलेगा।

वहीं, एविएशन सेक्टर की कंपनियां जटिल रेगुलेटरी और प्रतिस्पर्धी माहौल से जूझ रही हैं। राहुल भाटिया ने एयरपोर्ट ऑपरेटर्स और एयरलाइंस के बीच स्वामित्व संरचना (Ownership Structures) पर भी चिंता जताई है। इन रेगुलेटरी चर्चाओं पर निवेशकों की नजर रहेगी, क्योंकि ये घरेलू एयरलाइंस के भविष्य को प्रभावित कर सकती हैं। दोनों ही सेक्टरों के निवेशकों को आने वाले महीनों में कमोडिटी की बढ़ती कीमतों और कंपनी-स्तरीय ऑपरेशनल चुनौतियों का ध्यान रखना होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.