Infosys और Truist की बड़ी डील: हैदराबाद में होगी **1,000** नए लोगों की भर्ती, AI पर रहेगा फोकस

TECHNOLOGY
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Infosys और Truist की बड़ी डील: हैदराबाद में होगी **1,000** नए लोगों की भर्ती, AI पर रहेगा फोकस

IT दिग्गज Infosys ने अमेरिकी फाइनेंशियल फर्म Truist के साथ अपनी साझेदारी का विस्तार किया है। इस प्रोजेक्ट के लिए कंपनी हैदराबाद में **1,000** नए कर्मचारियों को काम पर रखेगी, जो Truist के डेटा और AI ऑपरेशन्स को संभालेंगे।

बड़े विस्तार की तैयारी

Infosys ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को अगले स्तर पर ले जाते हुए हैदराबाद में वर्कफोर्स बढ़ाने का फैसला किया है। इस विस्तार का मुख्य उद्देश्य Truist के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) के कामकाज को सुव्यवस्थित करना है। अब तक कई वेंडर्स के पास बिखरे हुए काम को Infosys एक 'यूनिफाइड मॉडल' के तहत मैनेज करेगी, जिससे बैंक की टेक्नोलॉजी और डेटा ऑपरेशन्स में बड़ी दक्षता आएगी।

AI का दम और 'Topaz' का रोल

इस डील में Infosys के जेनरेटिव AI प्लेटफॉर्म 'Topaz' की अहम भूमिका होगी। Truist इस तकनीक का उपयोग अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने और इनोवेशन साइकिल्स को तेज करने के लिए करेगा। यह 'बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर' (Build-Operate-Transfer) मॉडल पर आधारित है, जो Infosys को लंबे समय तक स्टेबल और मल्टी-ईयर रेवेन्यू दिलाने में मदद करेगा।

निवेशकों के लिए क्यों है जरूरी?

भारतीय IT कंपनियों की कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा BFSI (बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस) सेक्टर से आता है। ऐसे में यह डील न केवल कंपनी के रेवेन्यू के लिए, बल्कि मार्जिन को लेकर भी महत्वपूर्ण है। हालांकि, अमेरिका के ब्याज दरों और वहां के बैंकों के IT स्पेंडिंग पैटर्न पर नजर रखना जरूरी होगा, क्योंकि ग्लोबल इकोनॉमिक कंडीशन का सीधा असर इन कॉन्ट्रैक्ट्स की वैल्यू पर पड़ सकता है। आने वाले समय में कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी इस बात पर निर्भर करेगी कि वे कितनी कुशलता से इस बड़े टैलेंट बेस का उपयोग करती है और AI इंटीग्रेशन को लागू करती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.