SEMICON India 2026 में Infosys के विक्रम मेघल ने कहा है कि भारत को इंजीनियरिंग सर्विसेज से आगे बढ़कर खुद के प्रॉडक्ट बनाने चाहिए। मोबाइल मार्केट में **$80 बिलियन** के ग्रोथ मौके हैं, लेकिन इसके लिए बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव करना होगा।
SEMICON India 2026 कॉन्फ्रेंस में Infosys के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट विक्रम मेघल ने भारत के टेक हार्डवेयर सेक्टर की दिशा पर चर्चा की। उन्होंने साफ कहा कि हम सिर्फ सेमीकंडक्टर डिजाइन जैसी इंजीनियरिंग सर्विसेज पर निर्भर रहकर लंबी दौड़ नहीं जीत सकते। भारत को अब 'इंजीनियर्ड इन इंडिया' से निकलकर खुद के पूरे प्रॉडक्ट लाइफ साइकिल का मालिक बनना होगा।
बदलाव की चुनौतियां और रिस्क
मौजूदा IT सर्विसेज मॉडल 'फी-फॉर-सर्विस' पर चलता है, जहाँ कमाई इंजीनियरिंग घंटों पर निर्भर है। लेकिन प्रॉडक्ट ओनरशिप के लिए कंपनी को भारी-भरकम इन्वेस्टमेंट, इन्वेंट्री मैनेजमेंट और R&D पर फोकस करना होगा। यह सर्विस-बेस्ड कॉन्ट्रैक्ट से बिल्कुल अलग है।
बड़े मार्केट अवसर
आंकड़ों के मुताबिक, भारत का डोमेस्टिक फोन मार्केट अगले 5 सालों में $80 बिलियन तक बढ़ सकता है, जहाँ अभी लोकल कंटेंट सिर्फ 23% है। इसके अलावा मेडिकल डिवाइस सेक्टर भी $14 बिलियन से बढ़कर $50 बिलियन होने की उम्मीद है। यह वो क्षेत्र हैं जहाँ भारतीय कंपनियां वैल्यू चेन में ऊपर आ सकती हैं।
निवेशकों के लिए संकेत
हार्डवेयर प्रॉडक्ट्स में उतरना आसान नहीं है, क्योंकि इसमें इंटरनेशनल रेगुलेटरी नियमों का पालन करना होता है। निवेशकों को यह देखना होगा कि कैसे IT दिग्गज अपनी पुरानी कैश-जनरेटिंग सर्विसेज और नई हाई-इन्वेस्टमेंट प्रॉडक्ट स्ट्रैटेजी के बीच तालमेल बिठाते हैं। सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनियां डिमांड में आने वाले उतार-चढ़ाव और ग्लोबल कॉम्पिटिशन को कैसे हैंडल करती हैं।
