Infosys के CEO, Salil Parekh ने भारतीय IT सेक्टर के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को ग्रोथ का सबसे बड़ा इंजन बताया है। उन्होंने इस बात को खारिज कर दिया है कि AI से इस सेक्टर में कोई खतरा है। कंपनी ने Q1 FY27 में **₹48,211 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया है, और अब निवेशक AI-संचालित ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट्स से भविष्य के मार्जिन और टेक्नोलॉजी पर होने वाले खर्च को लेकर अपनी नजरें टिकाए हुए हैं।
AI से IT सेक्टर को मिलेगी नई रफ्तार!
Infosys के CEO, Salil Parekh का कहना है कि भारतीय IT सर्विसेज सेक्टर अभी भी ग्रोथ के मजबूत दौर में है, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इसमें मुख्य भूमिका निभाएगा। AI जैसी नई तकनीकों से पारंपरिक IT सर्विसेज के खत्म होने की आशंकाओं पर Parekh ने कहा कि बड़ी AI मॉडल्स को लागू करने की जटिलताओं से निपटने के लिए कंपनियां अपने भरोसेमंद IT पार्टनर्स पर ज्यादा निर्भर हो रही हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि इन पार्टनर्स के पास क्लाइंट के मौजूदा बिजनेस डेटा, ऑपरेशनल माहौल और इंटरनल सॉफ्टवेयर की गहरी जानकारी होती है।
AI इंटीग्रेशन और कंपनी का प्रदर्शन
Infosys अपनी सर्विसेज में AI को लगातार इंटीग्रेट कर रहा है। कंपनी AI एजेंट्स, कोड जनरेशन टूल्स और एप्लीकेशन मॉडर्नाइजेशन पर फोकस कर रही है। Infosys ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में ₹48,211 करोड़ के रेवेन्यू पर ₹7,769 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। खास बात यह है कि AI से जुड़ा बिजनेस अब कंपनी के कुल रेवेन्यू का 8% से ज्यादा हो गया है, जिसमें लगातार कई तिमाहियों से ग्रोथ दिख रही है। Infosys ने FY27 के लिए अपना रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस 1.5% से 3% (कॉन्स्टेंट करेंसी में) रखा है, जबकि EBIT मार्जिन का अनुमान 20% से 22% पर स्थिर रखा गया है।
इंडस्ट्री के ट्रेंड्स और लीडरशिप में बदलाव
Parekh की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब कंपनी लीडरशिप में बदलाव की तैयारी कर रही है। Salil Parekh, 1 अप्रैल 2027 से CEO-डिज्ग्नेट Ashiss Kumar Dash को अपनी जिम्मेदारी सौंपेंगे। यह Parekh के दूसरे टर्म का अंत होगा। इस बीच, Nifty IT इंडेक्स जुलाई 2026 में लगभग 19% बढ़ा है, जो सेक्टर के प्रति मार्केट के बदलते सेंटिमेंट को दर्शाता है। AI ट्रांसफॉर्मेशन में लगातार हो रहे ग्लोबल निवेश ने इस परफॉर्मेंस को सपोर्ट किया है, भले ही इन बड़े डिजिटल प्रोजेक्ट्स से तत्काल मिलने वाले फाइनेंशियल रिटर्न पर कुछ सवाल उठाए जा रहे हों।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
हालांकि मैनेजमेंट उम्मीदें बनाए हुए है, लेकिन IT सेक्टर एक जटिल मैक्रो इकोनॉमिक माहौल का सामना कर रहा है, जहां ग्लोबल क्लाइंट्स टेक्नोलॉजी पर अपने खर्च को लेकर सतर्क हैं। निवेशकों के लिए, AI को लागू करने की लागत को संतुलित करते हुए IT कंपनियों की प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने की क्षमता एक अहम पहलू बनी हुई है। इसके अलावा, जैसे-जैसे ग्लोबल कंपनियां AI पर अपना रिसोर्स एलोकेशन बढ़ाएंगी, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये प्रोजेक्ट्स लंबे समय तक रेवेन्यू ग्रोथ में कितनी प्रभावी ढंग से तब्दील होते हैं। निवेशकों की नजरें कंपनी के आने वाले तिमाही नतीजों पर रहेंगी ताकि यह समझा जा सके कि बदलते इंडस्ट्री डायनामिक्स के बीच रिवाइज्ड ग्रोथ गाइडेंस ट्रैक पर है या नहीं।
