Infosys के CEO Salil Parekh, जो मार्च 2027 में रिटायर होने वाले हैं, ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को कंपनी के लिए एक बड़ी कमाई का जरिया बताया है। उन्होंने AI सर्विसेज में **$300 अरब डॉलर** के मार्केट का अवसर देखा है।
AI में Infosys की राह
Parekh का मानना है कि AI से जुड़े स्पेशलाइज्ड लैब्स, जो बड़े भाषा मॉडल (Large Language Models) और एडवांस्ड कंप्यूटिंग सिस्टम बना रहे हैं, उन्हें अपने टेक्नोलॉजी को बड़े एंटरप्राइज क्लाइंट्स तक पहुंचाने के लिए Infosys जैसी IT सर्विस फर्म्स की ज़रूरत है। कंपनी के मैनेजमेंट के अनुसार, यह सेक्टर फिलहाल Infosys के कुल रेवेन्यू का 8% हिस्सा है, लेकिन इसमें बड़े ग्रोथ की संभावना है।
₹300 अरब डॉलर के अवसर का मतलब?
Infosys का मानना है कि वो बड़े क्लाइंट्स को AI टेक्नोलॉजी को लागू करने के लिए जरूरी सपोर्ट, रेगुलेटरी कंप्लायंस और बड़े वर्कफोर्स की मदद कर सकती है। कंपनी के लगभग 3 लाख एम्प्लॉई और 1800 क्लाइंट्स के साथ, Infosys का लक्ष्य अपनी स्केल का फायदा उठाकर नए और छोटे प्लेयर्स पर बढ़त बनाए रखना है।
ग्रोथ और लीडरशिप में बदलाव
Parekh के करीब 9 साल के कार्यकाल में Infosys का रेवेन्यू $10 अरब डॉलर से बढ़कर $20 अरब डॉलर हुआ है, और कंपनी ने $100 अरब डॉलर से ज्यादा के बड़े क्लाइंट कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल किए हैं। इस दौरान डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, क्लाउड एडॉप्शन और AI इंटीग्रेशन पर फोकस रहा। Parekh के रिटायरमेंट को देखते हुए, बोर्ड ने Ashiss Kumar Dash को उनका उत्तराधिकारी नियुक्त किया है, जिनके पास कंपनी में 30 सालों से ज्यादा का अनुभव है। यह कदम निवेशकों को लीडरशिप चेंज से जुड़े जोखिमों को लेकर स्थिरता देने के लिए उठाया गया है।
सेक्टर की चुनौतियां और आगे क्या?
AI में मजबूती के बावजूद, IT सर्विसेज सेक्टर ग्लोबल इकोनॉमिक अनिश्चितता और क्लाइंट्स के खर्च पैटर्न जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। निवेशकों को यह देखना होगा कि Infosys इस AI अवसर को प्रॉफिट मार्जिन में कैसे बदलती है, क्योंकि स्टाफ की ट्रेनिंग और AI फ्रेमवर्क डेवलप करने में काफी खर्च आ सकता है। साथ ही, कंपनी की मार्केट शेयर को बनाए रखने की क्षमता भी महत्वपूर्ण होगी। बाजार अब AI-ड्रिवेन डील की स्पीड और कंपनी की लॉन्ग-टर्म प्रॉफिटेबिलिटी पर इसके असर पर अपडेट का इंतजार करेगा।
