आईटी दिग्गज Infosys ने इंदौर में **330,000 स्क्वायर फीट** का नया ब्लॉक शुरू किया है। कंपनी का मकसद AI और क्लाउड सेवाओं को रफ्तार देना है, लेकिन नतीजों से पहले बाजार में शेयर **1.58%** फिसलकर **₹1,060** पर बंद हुआ।
इंदौर में नई उड़ान
Infosys ने इंदौर के 'सुपर कॉरिडोर' स्थित अपने कैंपस का विस्तार करते हुए एक नया 330,000 स्क्वायर फीट का सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट ब्लॉक शुरू किया है। इस कैंपस में पहले से ही 3,300 से ज्यादा प्रोफेशनल्स काम कर रहे हैं। इस नए इंफ्रास्ट्रक्चर का मुख्य मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सिक्योरिटी जैसे आधुनिक प्रोजेक्ट्स की क्षमता को बढ़ाना है।
टियर-2 शहरों पर दांव
कंपनी की रणनीति स्पष्ट है: महानगरों पर निर्भरता कम करना और टियर-2 शहरों की स्किल्ड वर्कफोर्स का लाभ उठाना। इसके लिए Infosys ने IIT इंदौर, IIM इंदौर और देवी अहिल्या विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों के साथ तालमेल बिठाने पर जोर दिया है, ताकि भविष्य के लिए टैलेंट पूल तैयार किया जा सके।
फाइनेंशियल और मार्केट का हाल
हालांकि कंपनी ने इस विस्तार में हुए कुल निवेश के आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए हैं, जिससे निवेशकों के बीच कैपिटल स्पेंडिंग को लेकर थोड़ी अनिश्चितता है। बाजार की बात करें तो 16 सितंबर 2026 को NSE पर शेयर 1.58% की गिरावट के साथ ₹1,060 पर बंद हुआ। फिलहाल कंपनी की ट्रेडिंग विंडो बंद है, क्योंकि नतीजे आने वाले हैं। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या यह रीजनल एक्सपेंशन कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन को बेहतर बनाने में मदद करेगा या नहीं।
