Info Edge के शेयरों में पिछले दो दिनों में **13%** का जबरदस्त उछाल आया है। कंपनी ने Q1 FY27 में दमदार प्रदर्शन करते हुए **₹881 करोड़** का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि से **11.4%** ज्यादा है। Naukri रिक्रूटमेंट बिजनेस में **17.5%** की ग्रोथ और 99acres रियल एस्टेट पोर्टल के बेहतर प्रदर्शन ने इस तेजी को हवा दी है।
Info Edge के नतीजे,
Info Edge (India) Limited के शेयरों में पिछले दो ट्रेडिंग सेशन में करीब 13% का बड़ा उछाल देखा गया है। इसकी वजह कंपनी का फिस्कल ईयर 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) का शानदार फाइनेंशियल परफॉरमेंस रहा। कंपनी ने ₹881 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 11.4% की बढ़ोतरी है। इस ग्रोथ का मुख्य श्रेय कंपनी के कोर रिक्रूटमेंट बिजनेस और रियल एस्टेट पोर्टल 99acres के बेहतर होते प्रदर्शन को जा रहा है।
Naukri और 99acres की धमाकेदार ग्रोथ
Naukri, जो कंपनी का प्रमुख रिक्रूटमेंट बिजनेस है, उसने स्टैंडअलोन बिलिंग्स में 17.5% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी को एंटरप्राइज रिन्यूअल और हायरिंग की लगातार मांग, खासकर ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स और टेक सेक्टर से, का फायदा मिला। वहीं, कंपनी का रियल एस्टेट पोर्टल 99acres भी अब बेहतर स्थिति में दिख रहा है। इस प्लेटफॉर्म की बिलिंग्स में 16.5% का इजाफा हुआ है, जो प्रॉफिटेबिलिटी की ओर एक बड़ा कदम माना जा रहा है। ऑनलाइन रियल एस्टेट मार्केट में कॉम्पिटिशन कम होने से कंपनी ने कस्टमर एक्विजिशन पर होने वाले भारी खर्च में कटौती की है, जिससे यह प्लेटफॉर्म अब कैश जनरेट करने की राह पर है।
AI में निवेश और Shiksha की चुनौतियाँ
रिक्रूटमेंट और रियल एस्टेट सेगमेंट्स के अच्छे प्रदर्शन के बावजूद, कंपनी के कुछ अन्य वर्टिकल्स को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। Shiksha, यानी एजुकेशन वर्टिकल, में रेवेन्यू में गिरावट देखी गई है। AI-पावर्ड टूल्स के आने से सर्च ट्रेंड्स में आए बदलावों से यह सेगमेंट जूझ रहा है। थर्ड-पार्टी सर्च ट्रैफिक पर निर्भरता इस सेगमेंट के लिए एक बड़ा स्ट्रक्चरल रिस्क बनी हुई है।
इसके अलावा, Info Edge आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में भारी निवेश कर रही है। FY27 के लिए कंपनी का AI पर ₹150 करोड़ का बजट है। हालांकि कंपनी इसे लॉन्ग-टर्म एडवांटेज मानती है, लेकिन इन निवेशों से कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन्स पर तिमाही आधार पर दबाव पड़ सकता है।
एक और चिंता का विषय कंपनी का गल्फ रीजन में रिक्रूटमेंट बिजनेस है। Naukri Gulf में 12% की ग्रोथ देखी गई, जो रीजनल जियोपॉलिटिकल टेंशन के चलते ओवरऑल रिक्रूटमेंट सेगमेंट से पीछे रही। यह देखना अहम होगा कि क्या बाहरी कारक इस ओवरसीज डिवीजन के ग्रोथ को आगे भी प्रभावित करते रहेंगे।
इन चुनौतियों के बावजूद, कंपनी की फाइनेंशियल पोजीशन काफी मजबूत है और यह लगभग डेट-फ्री है। कंपनी की मुख्य रणनीति ऑपरेटिंग लेवरेज का इस्तेमाल करके प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ाना और Talent Pulse जैसे नए AI-पावर्ड टूल्स में निवेश करना है। भविष्य में, निवेशक 99acres के सस्टेनड कैश जनरेशन के एक्जीक्यूशन टाइमलाइन और AI इंटीग्रेशन से जुड़े बढ़ते खर्चों को कंपनी कैसे मैनेज करती है, इस पर बारीकी से नजर रखेंगे।
