Infineon Technologies अब अपना पूरा ध्यान AI-लिंक्ड पावर सिस्टम पर लगा रही है। कंपनी ने बेंगलुरु की C2i Semiconductors को खरीद लिया है ताकि कंज्यूमर चिप मार्केट के उतार-चढ़ाव से बचकर AI इंफ्रास्ट्रक्चर में अपनी पकड़ मजबूत की जा सके।
एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर कंपनी का फोकस
Infineon Technologies ने अपनी बिजनेस रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर को प्राथमिकता दी है। कंपनी का लक्ष्य अपने कुल रेवेन्यू का 20% हिस्सा डेटा सेंटर पावर मैनेजमेंट सिस्टम से हासिल करना है। यह कदम AI सिस्टम की बढ़ती बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए उठाया गया है। कंपनी पावर ग्रिड से लेकर सिलिकॉन चिप्स तक बिजली के प्रवाह को कंट्रोल करने वाली टेक्नोलॉजी पर दांव लगा रही है ताकि कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स चिप बाजार के अस्थिर दौर से बाहर निकला जा सके।
C2i Semiconductors का अधिग्रहण
इस विस्तार के तहत, Infineon ने बेंगलुरु की C2i Semiconductors को खरीद लिया है। यह डील कंपनी के प्रोडक्ट डेवलपमेंट के लिए बेहद अहम है, क्योंकि इससे उन्हें 'मल्टीफेज कंट्रोलर्स' में विशेष सॉफ्टवेयर और तकनीकी विशेषज्ञता हासिल होगी। ये कंट्रोलर्स हाई-लोड डेटा एनवायरनमेंट में पावर को मैनेज करने के लिए अनिवार्य हैं। इस अधिग्रहण से भारत में कंपनी का R&D फुटप्रिंट भी मजबूत हुआ है।
ग्रोथ के नए रास्ते और चुनौतियां
डेटा सेंटर्स के अलावा, कंपनी अब 'ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स' को भविष्य के बड़े ग्रोथ ड्राइवर के तौर पर देख रही है। वे ऐसी टेक्नोलॉजी में निवेश कर रहे हैं जो रोबोट्स को उनके आसपास के माहौल को समझने और रिएक्ट करने की क्षमता देती है। हालांकि, निवेशक इसे काफी सतर्कता से देख रहे हैं। सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में Texas Instruments और STMicroelectronics जैसे दिग्गजों के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा है। शेयरधारकों की नजरें अब इस पर टिकी हैं कि कंपनी कैसे नए सेगमेंट के खर्च को मैनेज करती है और इसका उनके प्रॉफिट मार्जिन पर क्या असर पड़ता है।
