Indus Towers ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी का नेट प्रॉफिट **2.5%** घटकर **₹1,793 करोड़** रहा। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू **4%** बढ़ा है और नेटवर्क विस्तार जारी है।
मुनाफे में क्यों आई कमी?
कंपनी ने सितंबर तिमाही के लिए ₹1,793 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। मुनाफे में 2.5% की यह गिरावट मुख्य रूप से पिछले साल के 'हाई बेस' के कारण है, क्योंकि पिछले साल की समान अवधि में ₹195 करोड़ का वन-टाइम प्रोविजन राइट-बैक का लाभ मिला था। अगर इस वन-टाइम गेन को हटा दिया जाए, तो कंपनी का बिजनेस प्रदर्शन काफी स्थिर रहा है।
रेवेन्यू और मार्जिन का हाल
कंपनी का रेवेन्यू 4% बढ़कर ₹8,516 करोड़ हो गया है। इसके साथ ही EBITDA मार्जिन 54.4% पर स्थिर बना हुआ है, जबकि कुल EBITDA मामूली बढ़ोतरी के साथ ₹4,633 करोड़ रहा है। इससे साफ है कि कोर टावर-शेयरिंग बिजनेस से नकदी का प्रवाह (Cash Flow) लगातार बना हुआ है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और विस्तार
Indus Towers अपने नेटवर्क को तेजी से बढ़ा रही है। कंपनी के टावरों की संख्या 5.6% बढ़कर 2,70,480 हो गई है, जबकि किरायेदारों की संख्या (Co-location base) 5.9% के उछाल के साथ 4,40,153 तक पहुंच गई है। कंपनी का टेनेंसी रेशियो 1.63 पर है।
निवेशकों के लिए अहम संकेत
हालांकि कंपनी का प्री-टैक्स रिटर्न ऑन इक्विटी पिछले साल के 38.4% से गिरकर 25.3% पर आ गया है, लेकिन मैनेजमेंट अब AI-आधारित एनर्जी मैनेजमेंट और लागत कम करने वाली इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसके अलावा, अफ्रीका में चल रही इंटरनेशनल परियोजनाएं भी तय समय पर आगे बढ़ रही हैं। निवेशकों की नजर अब दूसरी छमाही में आने वाली ग्रोथ और टेलीकॉम क्लाइंट्स से मिलने वाली पेमेंट की स्थिरता पर टिकी होगी।
