Semicon India 2026: देश की दिग्गज टेक संस्थाएं एक साथ, सेमीकंडक्टर पॉलिसी में आएगा बड़ा बदलाव

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Semicon India 2026: देश की दिग्गज टेक संस्थाएं एक साथ, सेमीकंडक्टर पॉलिसी में आएगा बड़ा बदलाव

Semicon India 2026 के मंच से बड़ी खबर आई है। देश की प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर संस्थाएं अब एक साझा स्टीयरिंग कमिटी बना रही हैं ताकि पॉलिसी में तालमेल बिठाया जा सके और इंपोर्ट ड्यूटी को लेकर जारी खींचतान को खत्म किया जा सके।

अब एक सुर में होगी पैरवी

Semicon India 2026 में भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर सेक्टर के दिग्गजों ने सहयोग का एक बड़ा रोडमैप तैयार किया है। इसमें IESA, ICEA, MAIT, ELCINA और ग्लोबल बॉडी SEMI शामिल हैं। इनका मुख्य मकसद एक ऐसी परमानेंट स्टीयरिंग कमिटी बनाना है, जो सरकार के सामने एक जैसी और ठोस मांग रखेगी।

क्यों थी इस एकता की जरूरत?

अब तक इंडस्ट्री में दो गुटों के बीच टकराव चल रहा था। एक तरफ मोबाइल और डिवाइस बनाने वाली कंपनियां हैं जो प्रोडक्शन कॉस्ट कम रखने के लिए इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती चाहती हैं, वहीं दूसरी तरफ कंपोनेंट बनाने वाली कंपनियां हैं जो अपने बिजनेस को बचाने के लिए इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने की मांग करती रही हैं। इस आपसी झगड़े का असर सरकार के फैसलों की रफ्तार पर पड़ता था।

निवेशकों के लिए क्या मायने हैं?

इन्वेस्टर्स के नजरिए से यह बहुत महत्वपूर्ण अपडेट है। अगर ये संस्थाएं इंपोर्ट ड्यूटी और लोकलाइजेशन जैसे मुद्दों पर सहमति बना लेती हैं, तो इससे रेगुलेटरी अनिश्चितता कम होगी। इससे EMS (Electronics Manufacturing Services) और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन से जुड़ी कंपनियों के लिए काम करना आसान हो जाएगा और सरकारी 'प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव' (PLI) स्कीमों का फायदा भी तेजी से मिलेगा।

आगे चलकर बड़े इवेंट्स जैसे 'भारत इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग एंड एक्सपोर्ट समिट', 'सेमीकॉन इंडिया' और 'इंडियन मोबाइल कांग्रेस' को एक ही कैलेंडर में लाने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि सेक्टर अलग-अलग हिस्सों में काम करने के बजाय एक पूरा इकोसिस्टम तैयार कर सके।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.