Semiconductor Mission: भारत में चिप बनाने वाली **5** फैक्ट्रियां शुरू, मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की ओर कदम

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AuthorAditya Rao|Published at:
Semiconductor Mission: भारत में चिप बनाने वाली **5** फैक्ट्रियां शुरू, मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की ओर कदम

भारत ने सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में एक बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। Micron, Kaynes और CG Semi जैसी दिग्गज कंपनियों के नेतृत्व में **5** प्लांट अब ऑपरेशनल हो गए हैं, जो पॉलिसी से हटकर अब सीधे प्रोडक्शन पर फोकस कर रहे हैं।

भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पुष्टि की है कि 5 प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स ने अपना काम शुरू कर दिया है। ये यूनिट्स असेंबली, टेस्टिंग और पैकेजिंग (ATMP) पर केंद्रित हैं, जो ग्लोबल चिप सप्लाई चेन की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं।

प्रमुख खिलाड़ी और मौजूदा स्थिति

इस सफर में Micron Technology, Kaynes Semicon और CG Semi जैसे बड़े नाम सबसे आगे हैं। इनके अलावा Suchi Semicon और CDIL ने भी अपनी कैपेसिटी को तैनात करना शुरू कर दिया है। यह कदम 'India Semiconductor Mission 1.0' की सफलता को दर्शाता है।

चुनौतियां और कॉम्पिटिशन

सेमीकंडक्टर सेक्टर बेहद कैपिटल-इंटेंसिव है। भारत को ताइवान, साउथ कोरिया, चीन और वियतनाम जैसे देशों से कड़ी टक्कर मिल रही है, जिनके पास दशकों का अनुभव है। भारतीय कंपनियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है:

  • कॉन्स्टेंट टेक्नोलॉजी अपग्रेड्स
  • स्पेशलाइज्ड रॉ मटीरियल की उपलब्धता
  • हाई-टेक मशीनों का आयात

भविष्य की राह और निवेश

सरकार ने 'India Semiconductor Mission 2.0' का ऐलान कर दिया है, जिसमें लगभग $11-12 बिलियन का निवेश आने की उम्मीद है। हाल ही में 23 नए इंडस्ट्री एग्रीमेंट्स साइन किए गए हैं, जो सेक्टर में बढ़ते उत्साह को दिखाते हैं। आने वाले समय में निवेशकों को इन फैक्ट्रियों के प्रोडक्शन वॉल्यूम और ग्लोबल क्लाइंट्स हासिल करने की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि 100,000 से ज्यादा नौकरियों का लक्ष्य तभी हासिल होगा जब ये कंपनियां मुनाफे की राह पकड़ेंगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.