भारत का फोटोोनिक्स (Photonics) मार्केट तेजी से उभर रहा है, जो 2031 तक मौजूदा **$2.5 बिलियन** से बढ़कर **$10 बिलियन** (लगभग **₹80,000 करोड़**) के स्तर तक पहुंचने की उम्मीद है।
बाजार की नई रफ्तार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेटा सेंटर्स और 5G/6G नेटवर्क की बढ़ती मांग ने फोटोोनिक्स सेक्टर को नई ऊर्जा दी है। इंडस्ट्री का लक्ष्य भारत को आयात पर निर्भरता से बाहर निकालकर 'मेड इन इंडिया' हब बनाना है। इस दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए 'इंडिया फोटोोनिक्स एसोसिएशन' (IPA) का गठन किया गया है, जिसमें Tejas Networks और SFO Technologies जैसे 65 बड़े खिलाड़ी शामिल हैं।
GX Group का बड़ा दांव
निवेश की बात करें तो GX Group ने भारत में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए ₹500 करोड़ का निवेश किया है। यह प्लांट दिसंबर 2026 तक शुरू हो सकता है, जो मुख्य रूप से 'ऑप्टिकल ट्रांसीवर यूनिट्स' बनाएगा। ये पुर्जे डेटा ट्रांसमिशन को 10-40 GBPS से बढ़ाकर 100-400 GBPS तक ले जाने में सक्षम हैं।
सरकारी सहारा और चुनौतियां
सरकार 'सेमीकॉन इंडिया' (Semicon India) प्रोग्राम और 'इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्पोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम' (ECMS) के जरिए इस क्षेत्र को सपोर्ट दे रही है। हालांकि, निवेशकों को ग्लोबल कॉम्पिटिशन और हाई-टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग के लिए जरूरी स्किल्ड टैलेंट की कमी जैसी चुनौतियों पर भी नजर रखनी होगी। आने वाले समय में कंपनियों के लिए प्रोडक्शन माइलस्टोन्स हासिल करना सबसे बड़ा टास्क होगा।
