साल 2026 की दूसरी तिमाही में भारत के जेनरेटिव AI (Generative AI) मार्केट में जबरदस्त ग्रोथ देखने को मिली है। Claude के डाउनलोड्स में 30 गुना की भारी उछाल आई है, जबकि Gemini का यूजर एंगेजमेंट भी बढ़ा है। हालांकि, अभी भी ChatGPT ग्राहक खर्च (consumer spending) में सबसे आगे है। निवेशक इस सेक्टर पर कड़ी नजर रख रहे हैं, क्योंकि बड़ी AI कंपनियां इस साल के अंत तक पब्लिक होने की तैयारी में हैं।
भारत में GenAI ऐप्स का बदलता परिदृश्य (Q2 2026)
साल 2026 की दूसरी तिमाही में भारत में जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (GenAI) ऐप्स का बाजार एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। एक तरफ जहां यूजर बेस तेजी से बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ कमाई (monetization) के मोर्चे पर कुछ दिलचस्प ट्रेंड्स देखने को मिल रहे हैं। मार्केट इंटेलिजेंस फर्म सेंसर टॉवर (Sensor Tower) के ताजा आंकड़ों से यह साफ हो रहा है कि कौन आगे निकल रहा है और कौन पीछे छूट रहा है।
Claude और Gemini की बढ़ती पैठ
एंथ्रोपिक (Anthropic) की तरफ से डेवलप किए गए Claude ऐप ने डाउनलोड्स के मामले में सबसे ज्यादा चौंकाया है। 2026 की दूसरी तिमाही में, भारत में इसके डाउनलोड्स पिछले साल की तुलना में 30 गुना बढ़कर 8.5 मिलियन तक पहुंच गए। इतना ही नहीं, ग्राहक खर्च (consumer spending) में भी करीब 19 गुना की बढ़ोतरी हुई, जो लगभग ₹62.2 करोड़ तक पहुंच गया। यह दिखाता है कि यूजर अब नए विकल्पों को भी आजमा रहे हैं।
इसी बीच, गूगल (Google) का Gemini ऐप भी यूजर्स का ध्यान खींच रहा है। इस अवधि में Gemini के डाउनलोड्स दोगुने होकर 18.1 मिलियन हो गए। लेकिन सबसे खास बात यह है कि GenAI ऐप्स पर बिताए गए कुल समय में Gemini की हिस्सेदारी बढ़कर 18.7% हो गई, जो पिछले साल सिर्फ 4.9% थी। इसका मतलब है कि Claude नए यूजर्स ला रहा है, जबकि Gemini अपने मौजूदा यूजर्स को ज्यादा देर तक प्लेटफॉर्म पर रोक पा रहा है।
कमाई में ChatGPT का दबदबा जारी
बाजार में नई कंपनियों के तेजी से आगे बढ़ने के बावजूद, OpenAI का ChatGPT अभी भी कमाई के मामले में सबसे आगे है। जून तिमाही में ChatGPT ऐप पर ग्राहक खर्च ₹112.8 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 36% ज्यादा है। Grok और Perplexity जैसे अन्य प्लेटफॉर्म्स ने भी क्रमशः ₹20.4 करोड़ और ₹5.8 करोड़ की कमाई की।
IPO की उम्मीदें और सेक्टर के जोखिम
निवेशकों के लिए यह सेक्टर इसलिए भी अहम है क्योंकि बड़ी AI कंपनियां पब्लिक होने की तैयारी में हैं। रिपोर्टों के अनुसार, OpenAI और Anthropic ने अपने IPO (Initial Public Offerings) के लिए फाइलिंग कर दी है, और यह सितंबर 2026 तक बाजार में आ सकते हैं। इससे निवेशकों को इस तेजी से बढ़ते GenAI सेक्टर में सीधे निवेश का मौका मिलेगा, जो फिलहाल ज्यादातर प्राइवेट कंपनियों के हाथ में है।
हालांकि, इस सेक्टर में कुछ बड़े जोखिम भी हैं। मार्केट काफी कंसन्ट्रेटेड (concentrated) है, जहां ChatGPT और Claude मिलकर भारत में GenAI ऐप से होने वाली कुल कमाई का करीब 83% हिस्सा समेटे हुए हैं। ऐसे में, अगर इन सेवाओं में कोई बड़ी दिक्कत आती है, तो इसका असर पूरे इकोसिस्टम पर पड़ सकता है।
इसके अलावा, रेगुलेटरी (regulatory) चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। जून 2026 में, एंथ्रोपिक के Claude Fable 5 मॉडल को एक्सपोर्ट-कंट्रोल और राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के चलते अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था। ऐसे वाकये AI तकनीक के तेजी से विस्तार के जोखिमों को दर्शाते हैं। साथ ही, 2026 की शुरुआत तक भारत में कंज्यूमर सेंटीमेंट (consumer sentiment) अपने निचले स्तर पर था, जो भविष्य में सब्सक्रिप्शन ग्रोथ और कमाई को प्रभावित कर सकता है। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ये कंपनियां किस तरह विस्तार और रेगुलेटरी मानकों के बीच संतुलन बनाती हैं।
