भारत के ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में बड़े बदलाव का दौर है। सितंबर 2026 तक, नए 2025 एक्ट के तहत किसी भी गेम का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया है, जबकि मंत्रालय को अब तक **201** शिकायतें मिली हैं।
भारत के ऑनलाइन गेमिंग उद्योग के लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क धीरे-धीरे तैयार हो रहा है, लेकिन स्थिति अभी भी काफी धीमी है। 1 सितंबर 2026 तक की स्थिति यह है कि 'प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट, 2025' के तहत आधिकारिक तौर पर एक भी गेम रजिस्टर नहीं हुआ है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सेंट्रल इंफॉर्मेशन कमिशन को इस बारे में जानकारी दी है।\n\nमई 2026 में नए गेमिंग नियमों के लागू होने के बाद भी, 'ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया' अभी तक एक भी रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाई है। यह संकेत देता है कि पूरा उद्योग अभी नए कानूनों के शुरुआती कार्यान्वयन (implementation) चरण से गुजर रहा है। अब सरकार ने 2021 के पुराने आईटी नियमों को इस सेक्टर के लिए अमान्य घोषित कर दिया है, जिसका मतलब है कि अब गेमिंग कंपनियों को नए सख्त नियमों का पालन करना अनिवार्य है।\n\nनिवेशकों के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण समय है क्योंकि अब पूरा ध्यान कंप्लायंस (compliance) पर केंद्रित हो गया है। मंत्रालय को सितंबर 2026 तक ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी 201 शिकायतें मिली हैं, जो बताती हैं कि रेगुलेटरी स्क्रूटनी काफी कड़ी है। गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को अब अपनी ऑपरेशनल लागत और बाजार में बने रहने के लिए नए नियमों के साथ तालमेल बिठाना होगा।
