Cybersecurity Talent Crisis: IT कंपनियों पर बढ़ा खर्च का दबाव, प्रॉफिट मार्जिन पर मंडराया खतरा

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Cybersecurity Talent Crisis: IT कंपनियों पर बढ़ा खर्च का दबाव, प्रॉफिट मार्जिन पर मंडराया खतरा

भारत में साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स के बीच तनाव बढ़ा है, जिसका असर सीधे तौर पर IT कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर पड़ रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, **59%** स्टाफ भारी दबाव में काम कर रहा है, जिससे कंपनियों के लिए हायरिंग और रिटेंशन की लागत बढ़ना तय है।

भारत का साइबर सिक्योरिटी सेक्टर एक ऐसे मानव संसाधन संकट से जूझ रहा है, जिसका असर कंपनियों के मुनाफे पर सीधा पड़ेगा। ISACA की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 59% साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल 5 साल पहले की तुलना में कहीं ज्यादा मानसिक तनाव में हैं। यह केवल एक HR समस्या नहीं है, बल्कि उन लिस्टेड IT कंपनियों के लिए बड़ा ऑपरेशनल रिस्क है जो अपने क्लाइंट्स का डेटा बचाने के लिए इन्हीं टीमों पर निर्भर हैं।

मार्जिन पर क्यों पड़ रहा है असर?

निवेशकों के लिए इस टैलेंट क्राइसिस का सबसे बड़ा पहलू वित्तीय है। 66% संगठन स्किल्ड टैलेंट को रिटेन (रोक कर रखने) में संघर्ष कर रहे हैं, जो पिछले साल 55% था। एक ट्रेन एक्सपर्ट को रिप्लेस करना महंगा पड़ता है, जिसमें भारी रिक्रूटमेंट कॉस्ट लगती है। जब एट्रिशन रेट बढ़ता है, तो IT कंपनियों को सैलरी बिल बढ़ाना पड़ता है, जो ऑपरेटिंग मार्जिन पर सीधा प्रहार करता है।

मैनेज्ड सिक्योरिटी की ओर झुकाव

इससे निपटने के लिए भारतीय IT कंपनियां अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव कर रही हैं। इंटरनल टीमों पर निर्भर रहने के बजाय, अब 'मैनेज्ड सिक्योरिटी सर्विसेज' पर जोर दिया जा रहा है। AI और ऑटोमेशन टूल्स का उपयोग करके कंपनियों की कोशिश है कि काम का बोझ कम किया जाए। अगर यह प्रयोग सफल होता है, तो कंपनियों की एफिशिएंसी बढ़ेगी और साइबर खतरों से निपटने की लागत कम होगी।

ट्रेनिंग का बढ़ता महत्व

विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ टेक्नोलॉजी से काम नहीं चलेगा। लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) और मशीन लर्निंग जैसे क्षेत्रों में स्किल्स की कमी को पूरा करने के लिए कंपनियों को अपने मौजूदा वर्कफोर्स को अपस्किल (upskill) करना होगा।

निवेशकों को क्या देखना चाहिए?

निवेशकों को कंपनियों के क्वार्टरली रिजल्ट्स में 'वेज बिल' और 'रिटेंशन रेट्स' पर नजर रखनी चाहिए। जो कंपनी ऑटोमेशन और बेहतर ट्रेनिंग के जरिए टैलेंट क्राइसिस को मैनेज कर लेगी, वही इस मुश्किल दौर में बेहतर प्रदर्शन करेगी। 'Security-as-a-Service' प्रोडक्ट्स की बिक्री किसी भी IT फर्म की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ का मुख्य इंडिकेटर होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.