भारत का लक्ष्य 2030 तक **23 GW** डेटा-सेंटर क्षमता हासिल करना है, लेकिन अब एक नया 'प्रॉफिटेबिलिटी टेस्ट' शुरू हो गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च के बावजूद केवल **23%** कंपनियों को ही ठोस रिटर्न मिल रहा है, जिसके चलते निवेशक अब भारी खर्च वाले इंफ्रा शेयरों से निकलकर स्थापित IT सर्विसेज कंपनियों की ओर रुख कर रहे हैं।
बाजार का बदलता मूड
भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार अब एक निर्णायक मोड़ पर है। देश 2030 तक अपनी डेटा-सेंटर क्षमता को मौजूदा 1.6 GW से बढ़ाकर 19-23 GW तक ले जाने की राह पर है। इस विस्तार के लिए करीब $350 बिलियन से $435 बिलियन का निवेश अनुमानित है, लेकिन अब निवेशकों का ध्यान सिर्फ इंफ्रा के फैलाव पर नहीं, बल्कि उसकी प्रॉफिटेबिलिटी (मुनाफे) पर है।
15 सितंबर, 2026 को बाजार में यह बदलाव साफ नजर आया। जहाँ Nifty IT Index में 5% की तेजी देखी गई, वहीं AI से जुड़े पावर और इंफ्रा कंपनियों के शेयरों पर बिकवाली का दबाव रहा। यह साफ संकेत है कि निवेशक उन कंपनियों से दूरी बना रहे हैं जो भारी कैपिटल खर्च तो कर रही हैं, लेकिन रिटर्न को लेकर कोई स्पष्ट तस्वीर नहीं है।
प्रोडक्टिविटी का गैप
CRISIL के विश्लेषण के अनुसार, 2022 से 2026 के बीच AI-संबंधित निवेश का लगभग आधा हिस्सा सीधे इंफ्रास्ट्रक्चर में गया। Dun & Bradstreet का सर्वे बताता है कि 73% भारतीय कंपनियां AI से कुछ फायदा पाने का दावा तो कर रही हैं, लेकिन केवल 23% ही वास्तव में अपने प्रोजेक्ट्स से ठोस परिणाम देख पा रही हैं।
ट्रेनिंग बनाम इन्फ्रेंस (Inference)
AI की इकोनॉमिक्स भी बदल रही है। 'ट्रेनिंग' के लिए भारी कंप्यूटिंग पावर चाहिए होती है, लेकिन यह एक बार की गतिविधि है। इसके उलट 'इन्फ्रेंस' (जैसे कस्टमर सर्विस या फ्रॉड डिटेक्शन) के लिए लगातार इस्तेमाल की जरूरत होती है। डेटा-सेंटर जो केवल ट्रेनिंग के लिए बने हैं, उन्हें भविष्य में कम इस्तेमाल के खतरे का सामना करना पड़ सकता है।
इसके अलावा, डेटा-सेंटर्स की लागत पारंपरिक सुविधाओं के मुकाबले 6 से 7 गुना ज्यादा है।
निवेशकों के लिए आगे का रास्ता
अब निवेशकों को केवल डेटा-सेंटर की संख्या नहीं, बल्कि उसकी उपयोगिता (Utilization rate) और 'रेवेन्यू-पर-मेगावाट' जैसे मेट्रिक्स पर ध्यान देना होगा। आने वाले समय में वही कंपनियां टिकेंगी जो अपनी इंफ्रास्ट्रक्चर स्पेंडिंग और क्लाइंट्स की कमाई के बीच स्पष्ट संबंध साबित कर पाएंगी।
