Indian Tech and Power Stocks Fall Up to 5% Amid Global Chip Selloff

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Indian Tech and Power Stocks Fall Up to 5% Amid Global Chip Selloff

ग्लोबल चिप सेक्टर में गिरावट के कारण भारतीय टेक और AI इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में **5%** तक की गिरावट आई है। निवेशक मौजूदा हाई वैल्यूएशन पर सवाल उठा रहे हैं।

ग्लोबल चिप सेक्टर में बिकवाली का असर

17 जुलाई को भारतीय शेयर बाज़ार में टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट देखी गई। इसका मुख्य कारण ग्लोबल सेमीकंडक्टर सेक्टर में आई भारी मंदी है। निवेशक इस बात का जायजा ले रहे हैं कि क्या AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर जारी बड़ा खर्च लंबे समय तक मांग और मुनाफे को बनाए रख पाएगा।

टेक और इंफ्रा कंपनियों पर असर

दोपहर के कारोबार के दौरान, AI और डेटा सेंटर सप्लाई चेन से जुड़ी कई कंपनियों पर बिकवाली का दबाव देखा गया। Netweb Technologies के शेयर 1% गिरे, जबकि E2E Networks और Black Box के शेयरों में 4% और 4.4% की गिरावट आई। इस असर ने उन इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स को भी प्रभावित किया जो हाई-कैपेसिटी डेटा सेंटर चलाने के लिए ज़रूरी पावर इंफ्रास्ट्रक्चर सप्लाई करते हैं। GE Vernova T&D India के शेयर 5% गिर गए, जो मिडकैप सेगमेंट में बड़ी गिरावटों में से एक था। Hitachi Energy India और CG Power के शेयरों में भी क्रमशः 4% और 2% की गिरावट दर्ज की गई।

ग्लोबल मार्केट का नज़रिया

भारतीय बाज़ार का यह ट्रेंड ग्लोबल रुझानों को दर्शाता है। Nasdaq 100 फ्यूचर्स 2% गिरे, और प्रमुख एशियाई बाज़ार दो महीने के निचले स्तर पर पहुँच गए। यूरोप में, चिप मैन्युफैक्चरिंग इक्विपमेंट से जुड़ी कंपनियां, जैसे ASM International NV और Aixtron SE, के शेयर भी 4% से ज़्यादा गिरे। ग्लोबल सेमीकंडक्टर प्रोडक्शन का अहम केंद्र ताइवान का इक्विटी मार्केट भी टेक्निकल करेक्शन (Technical Correction) में चला गया, जो अक्सर टेक्नोलॉजी सेक्टर में बदलते सेंटीमेंट का संकेत होता है।

निवेशकों की वैल्यूएशन पर चिंता

इस उतार-चढ़ाव का मुख्य कारण वैल्यूएशन मल्टीपल्स (Valuation Multiples) का पुनर्मूल्यांकन है। सेमीकंडक्टर और AI इंफ्रा स्पेस की कई कंपनियों ने पिछले एक साल में अपनी शेयर कीमतों में ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी है। मौजूदा मार्केट सेंटीमेंट इस सवाल की ओर बढ़ रहा है कि क्या ग्लोबल AI हाइपरस्केलर्स (Hyperscalers - बड़ी कंपनियां जो विशाल डेटा सेंटर बनाती और चलाती हैं) द्वारा किया जा रहा भारी कैपिटल स्पेंडिंग (Capital Spending) इन ऊँची शेयर कीमतों को सही ठहराने के लिए पर्याप्त राजस्व उत्पन्न करेगा।

निवेशकों के लिए, मुख्य चिंता यह होगी कि अगर नए डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स की मांग धीमी हो जाती है तो ये कंपनियां अपने प्रॉफिट मार्जिन को कैसे मैनेज करेंगी। भले ही ये फर्म AI इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए ज़रूरी हों, लेकिन इनके शेयरों का प्रदर्शन ग्लोबल कैपिटल एक्सपेंडिचर साइकिल्स (Capital Expenditure Cycles) और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के ओवरऑल हेल्थ के प्रति बेहद संवेदनशील बना हुआ है। निवेशक आने वाली तिमाहियों में मांग के रुझानों पर मैनेजमेंट की टिप्पणी और फ्यूचर ऑर्डर बुक अपडेट्स पर नज़र रख सकते हैं ताकि यह देखा जा सके कि क्या हालिया गिरावट उनके प्रमुख ग्राहकों की लॉन्ग-टर्म कैपिटल स्पेंडिंग योजनाओं को बदलती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.