McKinsey & Company के जून 2026 के सर्वे के मुताबिक, भारत में AI का इस्तेमाल करके शॉपिंग करने की दर दुनिया में दूसरी सबसे अधिक **76%** है। इसमें भारतीय मिलेनियल्स सबसे आगे हैं, जहां **84%** लोग खरीदारी के लिए AI टूल्स का सहारा ले रहे हैं।
भारत अब AI-संचालित रिटेल सेक्टर में एक ग्लोबल लीडर बनकर उभर रहा है। जून 2026 में हुए McKinsey & Company के सर्वे के अनुसार, भारत में 76% उपभोक्ता प्रोडक्ट सर्च और खरीदारी के लिए AI का उपयोग कर रहे हैं। यह आंकड़ा ग्लोबल एवरेज 53% से कहीं ज्यादा है, जो दर्शाता है कि भारतीय ग्राहक ऑटोमेटेड रिटेल असिस्टेंट्स को हाथों-हाथ ले रहे हैं।
मिलेनियल्स का दबदबा
दिलचस्प बात यह है कि इस ट्रेंड को Gen Z नहीं, बल्कि मिलेनियल्स लीड कर रहे हैं। सर्वे के डेटा के मुताबिक, 84% मिलेनियल्स AI का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि Gen Z का आंकड़ा 74% है। इसके अलावा, भारतीय उपभोक्ताओं का भरोसा भी इस टेक्नोलॉजी पर जबरदस्त है। सर्वे में 87% भारतीय यूजर्स ने AI चैट और सर्च टूल्स पर भरोसा जताया है, जो ग्लोबल ट्रस्ट स्कोर 73% से काफी बेहतर है। भारतीय खरीदार AI को महज एक नया प्रयोग नहीं, बल्कि खरीदारी में मददगार एक भरोसेमंद साथी मान रहे हैं।
रिटेलर्स के सामने नई चुनौती
हालांकि ग्राहक पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन रिटेल सेक्टर के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गया है। निवेशकों के लिए चिंता की बात यह है कि कंज्यूमर्स की डिमांड और कंपनियों की क्षमता के बीच एक बड़ा गैप पैदा हो गया है। बहुत सी कंपनियां अभी तक निर्बाध AI-ट्रांजैक्शंस की सुविधा देने में सक्षम नहीं हैं।
अभी कंपनियां बेसिक AI सर्च से आगे बढ़कर सुरक्षित और जटिल AI-एग्जीक्यूटेड खरीदारी की ओर बढ़ने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को स्केल करने में संघर्ष कर रही हैं। रिटेलर्स के लिए आने वाला समय इस बात पर निर्भर करेगा कि वे कितनी जल्दी अपनी कोर बिजनेस सिस्टम में इन AI एजेंट्स को इंटीग्रेट कर पाते हैं।
