Indian Markets: अमेरिकी बाजार में हाहाकार के बावजूद घरेलू बाजार की मजबूती, Sensex-Nifty में खरीदारी

TECHNOLOGY
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Indian Markets: अमेरिकी बाजार में हाहाकार के बावजूद घरेलू बाजार की मजबूती, Sensex-Nifty में खरीदारी

ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेतों को दरकिनार करते हुए भारतीय बाजार ने आज मजबूती दिखाई है। Nasdaq फ्यूचर्स में **2.44%** की बड़ी गिरावट के बावजूद Sensex और Nifty ने बढ़त के साथ कारोबार खत्म किया है, जबकि Intel और Amazon के कमजोर नतीजों ने टेक शेयरों में हड़कंप मचा दिया है।

अमेरिकी टेक शेयरों में मची खलबली

अमेरिका में गिरावट की मुख्य वजह बड़ी टेक कंपनियों के निराशाजनक नतीजे रहे। Intel के शेयरों में प्री-मार्केट ट्रेडिंग के दौरान 25% तक की भारी गिरावट देखी गई, क्योंकि कंपनी के नतीजे उम्मीदों से काफी कमजोर रहे। वहीं, Amazon के शेयरों में भी करीब 7.4% की कमजोरी आई। Alphabet के साथ शुरू हुई इस नकारात्मक धारणा ने निवेशकों के बीच बहस छेड़ दी है कि क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर पर किया जा रहा भारी-भरकम खर्च मुनाफे में बदल भी रहा है या नहीं।

AI सप्लाई चेन में करेक्शन

इस गिरावट का असर केवल सॉफ्टवेयर दिग्गजों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन हार्डवेयर कंपनियों को भी अपनी चपेट में ले लिया जिन्होंने हाल के समय में AI रैली से काफी फायदा उठाया था। Advanced Micro Devices में 7%, Nvidia में 2.8% और Super Micro Computer में 5% की गिरावट दर्ज की गई। यह संकेत है कि बाजार अब AI से जुड़ी कंपनियों के वैल्यूएशन का फिर से आकलन कर रहा है।

भारतीय बाजार क्यों टिके रहे?

जहां जापान और दक्षिण कोरिया जैसे एशियाई बाजारों ने कमजोरी दिखाई, वहीं भारतीय बाजार डटे रहे। Sensex 308.49 अंक चढ़कर 74,459.53 पर और Nifty 116.35 अंक की तेजी के साथ 23,053.10 पर बंद हुआ। भारतीय बाजार की संरचना, जो बैंकिंग, कंजम्पशन और मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टरों पर ज्यादा निर्भर है, उसे अमेरिकी टेक-हैवी मार्केट की तुलना में कम रिस्क वाला मानकर निवेशक सहारा ले रहे हैं।

हालांकि, आने वाले समय में निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि क्या अमेरिकी बाजार की यह वोलेटिलिटी भारतीय IT सर्विस सेक्टर को प्रभावित करेगी। भले ही इनका बिजनेस मॉडल अलग हो, लेकिन वैश्विक क्लाइंट्स का बजट और खर्च करने का ट्रेंड भारतीय IT कंपनियों के लिए आने वाली तिमाहियों में सबसे महत्वपूर्ण मॉनिटर करने वाला फैक्टर रहेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.